NMC बिल: देशभर के तीन लाख डॉक्टर आज हड़ताल पर, OPD भी रहेंगी बंद

Updated on: 25 August, 2019 08:44 AM

नेशनल मेडिकल कमीशन विधेयक 2019 (एनएमसी बिल) के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की पहल पर निजी अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी व डॉयग्नोस्टिक सेंटर बंद रहेंगे। मरीजों को निजी अस्पतालों, क्लीनिक में सामान्य इलाज नहीं मिल सकेगा। यह हड़ताल बुधवार सुबह छह बजे से शुरू होकर गुरुवार सुबह छह बजे तक चलेगी। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. पीके गुप्ता ने यह जानकारी दी।.

इमरजेंसी सेवाएं मिलेंगी:

आईएमए के अध्यक्ष डॉ. जीपी सिंह व सचिव डॉ. जेडी रावत ने बताया कि हड़ताल के दौरान मरीजों को इमरजेंसी, कैजुअल्टी, आईसीयू और संबंधित सेवाएं मिलेंगी। डॉ. रावत ने बताया कि बिल के सेक्शन 32 में करीब साढ़े तीन लाख अयोग्य नॉन मेडिकल या झोलाछाप को मॉर्डन पद्धति से प्रैक्टिस करने की अनुमति दी जा रही है। बिल में आईएमए की मांगों को नहीं शामिल किया गया। इसकी कमेटी में नामित लोग हैं, जिसमें ज्यादातर नौकरशाह, राजनेता रहेंगे। नौ लोग ही चुने हुए जाएंगे। इस वजह से चिकित्सा सेवा से पहले चिकित्सा शिक्षा पर असर पड़ेगा। .

सीएमओ ने जारी किया अलर्ट:

सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी के सभी सरकारी चिकित्सा संस्थानों, महिला व पुरुष अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी के डॉक्टरों को मरीजों के इलाज देने के लिए अलर्ट जारी किया गया है। आईएमए की हड़ताल के दौरान मरीजों को इलाज के लिए परेशानी न उठानी पड़े।

बताते चलें आईएमए देश में डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों की सबसे बड़ी संस्था है, जिसमें करीब तीन लाख सदस्य हैं. एनएमसी विधेयक मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की जगह लेगा और आईएमए इस विधेयक का विरोध कर रहा है. आईएमए ने कहा कि यह विधेयक गरीब और छात्र विरोधी'' है तथा मौजूदा संस्करण में सिर्फ दिखावटी बदलाव किए गए हैं जबकि चिकित्सा बिरादरी द्वारा उठाई गई मूल चिंताएं अब भी जस की तस हैं।

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