तीन तलाक बिल पास होते ही मोदी की काशी में मुस्लिम महिलाओं ने बांटी मिठाइयां, फोड़े पटाखे

Updated on: 06 December, 2019 01:35 PM

राज्यसभा में मंगलवार की शाम तीन तलाक रोकने संबंधी बिल पास होते ही मुस्लिम महिलाओं ने जश्न मनाया। गुलाब बाग स्थित भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय ढोल नगाड़े की धुन के बीच उन्होंने आतिशबाजी की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।

भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव ने मुस्लिम महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 'सबका साथ, सबका विकास' का उदाहरण पेश किया है। कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं के हितों में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। कहा कि तीन तलाक जैसे घृणित कार्य पर रोक लगाकर भाजपा ने यह साबित कर दिया कि महिलाएं किसी भी सम्प्रदाय या जाति की हों, हम सभी के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध हैं।

इस दौरान हाजी अनवर, इतरत हुसैन, हुमा बानो, लुबना बेगम, नाजनीन अंसारी, खुदैजा खातुन, नादिरा परवीन, नुरजहां बेगम, सदफ आलम, फहद जमाल यासिर, शाहिद खान, अजहरुद्दीन, इकबाल शाहिद अफरीदी, जाकिर सिद्दकी, नवरतन राठी, शकील अहमद, आसिफ, मेहताब आलम आदि मौजूद रहे।

तीन तलाक पर बोली महिलाएं, नहीं चलेगी पुरुषों की मनमानी, न बिखरेगा घर
राज्यसभा में मंगलवार को तीन तलाक बिल पास होने पर मुस्लिम महिलाओं में खुशी है। उन्होंने इसे अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी आजादी बताया है। कहा, अब हमारी जिंदगी जहन्नुम होने और घर टूटने से बच जाएंगे। जलालत से निजात मिलेगी। हमें बड़ा अधिकार मिल गया है। मर्दों की मनमानी नहीं चलेगी। उनमें भी कानून का डर रहेगा।

बजरडीहा की नफीस ईरम ने कहा, अब लोग तलाक देने से डरेंगे। मोबाइल, वाट्सअप, मैसेज आदि के जरिए तलाक नहीं दे सकेंगे। महिलाओं को खिलौना समझकर जब चाहे तलाक दे देते हैं। अब इस दुनियावी कानून का डर बना रहेगा।

साकेत नगर, लंका की अनवरी आलम ने बिल पास होने का स्वागत करते हुए कहा कि अब हम झुक कर नहीं रहेंगे। अत्याचार, जुल्म के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं। बेटियों को उनका वाजिब हक मिला है। नरिया की रेशमा बानो ने कहा कि छोटी-छोटी बातों को लेकर तलाक देने से पुरुष डरेंगे। अगर कोई देता है तो हमारे पास न्यायालय में जाने का आधिकार रहेगा।

रेवड़ीतालाब की हुमा बानो बोलीं कि तीन तलाक दीमक की तरह है जो महिलाओं को खोखला कर रहा था। महिलाओं पर थोपी गई कुप्रभा का अंत हुआ। अब महिलाएं भी आजादी के साथ जी सकती हैं। शिवाला की फरहत जेबा ने कहा कि तीन तलाक से महिलाएं जलालत भरी जिंदगी जीने को मजबूर थीं। अब परिवार बिखरने से बच जाएगा। बच्चों की जिंदगी बर्बाद नहीं होगी।

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया