ब्याजखोरों के चुंगल में फसा परिवार, डर से घर छोड़ कर भागा

Updated on: 20 October, 2019 05:47 PM

खबर यह है की प्रसाद दास जो की शीशमहल कालोनी वाराणसी के निवासी है और पेशे से वेब डवलपर है।पीड़ित के प्रसाद दास के अनुसार  व्यापर में मंदी होने के कारण प्रसाद दास ने अपने पूर्व के जान पहचान वाले आनंद राय जो की उनके के ही मोहल्ले  में रहते है से १५०००० रुपये बतौर उधार इस शर्त पर लिया की छः से आठ माह में वो पैसा वापस बिना किसी हीला हवाली के कर देंगे। पर एक माह बिताते ही आनंद राय का असली चेहरा सामने आया और वो ये कहते हुए धमकाने लगे की पैसा हमने आप को पंद्रह प्रतिशत ब्याज पर दिया है न की दोस्ती के नाते। बतौर पीड़ित प्रसाद यह सुनते ही हत्प्रभात रह गए और कहा के भैया आप ने तो मदद की बात कर के पैसा दिया था।प्रसाद दास के अनुसार यदि उन्हें पहले से यह पता होता की पैसा ब्याज पर है तो वो लेते ही नहीं और इतने भारी ब्याज पर तो सोचहि नहीं जा सकता था।  पर पीड़ित पैसा खर्च कर के फास चूका था।पीड़ित ने हर माह ब्याज के पैसे भी भरे कभी कुछ कम कभी पूरे। अंततः  प्रसाद दास ने  पैसा पांच माह उपरांत वापस भी कर दिया जैसा की उन्होंने वादा किया था, पर आनंद राय को लालच आ गई और वो ये कहते हुए प्रसाद दास को गली गलौज देने लगे की आप ने पैसा ब्याज पर लिया था और जो भी आप ने वापस किया है वो मात्रा ब्याज भर है और अगर शेष पैसा नहीं चुकाया तो जान से हाथ धो बैठोगे। व इस चक्कर में कई बार बन्दूक को दिखा कर धमकाने की कोशिश भी यह कह कर दी गई की सत्ताधारी पार्टी के एक विधायक हमारे रिश्तेदार है और तुमको कोई बचा नहीं पायेगा।
इस घटना के बाद प्रसाद दास इतने डर गए की वो ओर उनका परिवार पूरी तरह से दहशतर में है तथा विगत पांच दिनों दे डर के मरे घर तक नहीं जा प् रहे है, और पूरा परिवार खानाबदोशो की तरह विगत पांच दिनों से जी रहे है। पर जब धमकिया बहुत बढ़ने लगी और कुछ गुंडे प्रवित्ति के लोग रस्ते में रोक कर माँ बहन की भद्दी गालिया व उठा लेने तक की धमकी देने लगे तो तंग आ कर पीड़ित ने आनंद राय के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। आगे की कार्यवाही जारी है।

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया