अनुच्छेद 370 पर दायर सभी याचिकाओं के खिलाफ SC की संवैधानिक पीठ करेगी सुनवाई

Updated on: 15 November, 2019 04:59 PM

जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को रद्द करने के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। इन याचिकाकर्ताओं में जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला रशिद और आईएएस का पद छोड़ राजनिति में आने वाले शाह फैजल ने भी जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा लिए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

कई याचिकाओं में जम्मू कश्मीर में संचार पर पाबंदियों सहित अन्य प्रतिबंधों को हटाने की मांग भी की गई है। दरअसल, संचार पर पाबंदियां पत्रकारों के पेशेवर कर्तव्यों को पूरा करने की राह में बाधक बन रही हैं। अनुच्छेद 370 रद्द करने के फैसले के खिलाफ याचिका अधिवक्ता एमएल शर्मा ने दायर की है, जबकि नेशनल कांफ्रेंस सांसद मोहम्मद अकबर लोन और न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) हसनैन मसूदी ने जम्मू कश्मीर के संवैधानिक दर्जे में केंद्र द्वारा किये गए बदलावों को चुनौती दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी को शर्तों के साथ दी घाटी जाने की इजाजत

सुप्रीम कोर्ट ने सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी को जम्मू कश्मीर जाकर पार्टी नेता और पूर्व विधायक यूसुफ तारिगामी से मिलने की इजाजत दे दी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा- आप आपको वहां पर जाने की इजाजत देते हैं, आप एक पार्टी के महासचिव हैं। किसी और चीज के लिए मत जाइये।

अनुच्छेद 370 की सुनवाई करते हुए SC ने याचिकाकर्ता को घाटी जाने की दी इजाजत

जम्मू कश्मीर से हटाए गए अनुच्छेद 370 के खिलाफ लगाई गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने ने एक याचिकाकर्ता मोहम्मद सैयद को अनंतनाग में अपने माता-पिता से मिलने कि इजाजद दे दी। कोर्ट ने जम्मू कश्मीर सरकार से कहा है कि वे सैयद को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराए।

दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाए जाने के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की छह सदस्यीय टीम मंगलवार को कश्मीर घाटी पहुंच गई। घाटी में वह उन इलाकों की पहचान करेगी जहां अल्पसंख्यकों से जुड़ी केंद्रीय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना है।

पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल, जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला रशीद और राधा कुमार जैसे प्रख्यात हस्तियों सहित अन्य भी इसमें शामिल हैं। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने भी एक याचिका दायर कर अपनी पार्टी के नेता मोहम्मद तारिगामी को पेश करने की मांग की है, जिन्हें अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। अनुच्छेद 370 से जुड़े सभी विषय और इसके बाद के घटनाक्रम प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं।

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