सत्यपाल मलिक बोले- लोगों में यह गलत धारणा थी कि अनुच्छेद 370 उन्हें सशक्त बनाता है

Updated on: 16 September, 2019 02:52 AM

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने टॉक टुडे न्यूज़ से बात करते हुए अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने, लोगों के आने-जाने और मोबाइल- इंटरनेट पर रोक व राजनेताओं की गिरफ्तारियों पर खुलकर चर्चा की। आइये जानते हैं बातचीत के मुख्य अंश:-

सवाल- अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने के बाद, आपने लोगों से कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें और यह सुनिश्चित किया कि कुछ भी नहीं बदलेगा। लोग अब कहते हैं कि आपने उन्हें बरगलाया।

जवाब- जो कुछ भी मैनें कहा वह बिल्कुल सही था। मैं ऑफिशियल सीक्रेट्स को जाहिर नहीं कर सकता हूं। मैनें संविधान के तहत गुप्त रखने की शपथ ली है। लोगों को इसे पता होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 खत्म करने को चुनावी मुद्दा बनाया था और यह उनके घोषणा पत्र में भी शामिल था।

सरकार ने इसके लिए लोकतांत्रिक रास्ता अख्तियार किया जो इसके लिए अनिवार्य था। ऐसा नहीं है कि मोदी जी ने अपनी जेब से किसी कागज के टुकड़े को निकाल लिया। यह संसद में लाया गया और दोनों सदन लोकसभा और राज्यसभा में इसे पास कराया गया। मेरी चिंता कानून-व्यवस्था को लेकर थी।


सवाल- आइये अब बात करते हैं कि आखिर कब तक प्रतिबंध लागू रहेगा? कब मोबाइल और इंटरनेट काम करना शुरू करेगा?

जवाब- प्रतिबंध धीरे-धीरे कम किया जा रहा है। कई लैंडलाइन शुरू की गई हैं और लोग अपने घर से बाहर जाने के लिए स्वतंत्र हैं। कुपवाड़ा में मोबाइल कॉल्स दोबारा शुरू किए जा रहे हैं। इंटरनेट शुरू करने की मैं कोई तारीख नहीं बताऊंगा। हम सभी बिना इंटरनेट के रहे हैं और कुछ दिनों के लिए इसके बिना रह सकते हैं। मेरा बेटा विदेश में है। मैं उससे भी बात करने में असमर्थ हूं। मेरा फोकस अभी लोगों के जान बचाने पर है और किसी तरह का नुकसान रोकने के लिए मैं यह सब करूंगा।

सवाल- लेकिन क्या आप यह नहीं मानते हैं कि भविष्य में जब प्रतिबंध हटाया जाएगा तो इसका विरोध होगा?

जवाब- लोगों में यह गलत धारणा थी कि अनुच्छेद 370 उन्हें सशक्त बनाता है। हम उनके लिए नई संभावनाओं के रास्ते खोलेंगे। मैनें यह पहले ही कहा है कि हम उन्हें 50 हजार नौकरियां देंगे। आप देखेंगे कि लाखों लोग इन नौकरियों के लिए लाईन में होंगे। मोदी जी ने सभी मंत्रालयों से कहा है कि वे यह देखें कि कश्मीर के लिए क्या कर सकते हैं। किसी भी एक जान का नुकसान नहीं हुआ है। मीडिया और कुछ राजनेता चाहते हैं कि बड़ा प्रदर्शन हो। महबूबा मुफ्ती मैडम जो मौत से पहले ही घर पहुंचकर घड़ियाली आंसू बहाती थी, उन्होंने कहा था कि कोई भी तिरंगा झंडा नहीं थामेगा लेकिन मुख्य धारा की सभी राजनीतिक दलों ने उसे नकार दिया।

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