आज रात चांद पर उतरेगा चंद्रयान-2, कैसे होगी सॉफ्ट लैंडिंग

Updated on: 22 November, 2019 04:59 PM

चंद्रयान-2 का लैंडर 'विक्रम' शनिवार तड़के चांद की सतह पर ऐतिहासिक 'सॉफ्ट लैंडिंग के लिए तैयार है और यह क्षण इसरो के वैज्ञानिकों के लिए 'दिल की धड़कनों को थमा देने वाला होगा। भारत के लोग देश की इस ऐतिहासिक अंतरिक्ष छलांग की सफलता के लिए प्रार्थना करने के साथ ही शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात होने वाली 'सॉफ्ट लैंडिंग' की घड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य राष्ट्रों की निगाहें भी इस मिशन पर टिकी हैं। पढें चंद्रयान-2 से जुड़ी अब तक के सारे अपडेट और खबरें

आज देर रात और शनिवार तड़के चांद की सतह पर उतरने से 15 मिनट पहले इसकी रफ्तार को कम की जाएगी। इसके 10 मिनट 30 सेकेंड के बाद जब विक्रम 7.4 किलोमीटर की ऊंचाई पर होगा तो इसकी रफ्तार को 526 किलोमीटर प्रति घंटे पर किया जाएगा।

'चंद्रयान-2 के लैंडर 'विक्रम की चांद पर 'सॉफ्ट लैंडिंग को यान में समन्वित ढंग से लगे कम से कम आठ उपकरणों द्वारा अंजाम दिया जाएगा। 'विक्रम शनिवार तड़के डेढ़ बजे से ढाई बजे के बीच चांद की सतह पर 'सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। 'विक्रम के अंदर रोवर 'प्रज्ञान होगा जो शनिवार सुबह साढ़े पांच से साढ़े छह बजे के बीच लैंडर के भीतर से बाहर निकलेगा। शनिवार तड़के यान के लैंडर के चांद पर उतरने से पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक वीडियो के माध्यम से समझाया कि 'सॉफ्ट लैंडिंग कैसे होगी।

चंद्रयान दो की चंद्रमा की सतह पर लैंडिंग को पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ देखने के लिए डीपीएस जानकीपुरम की छात्रा राशि वर्मा शुक्रवार सुबह बेंगलुरु के लिए रवाना हो गईं। राशि के साथ उसके पिता राजकुमार वर्मा भी जा रहे हैं। राशि छह सितंबर की देर रात डेढ़ से ढाई बजे के बीच चंद्रयान दो के चंद्रमा की सतह पर उतरने की ऐतिहासिक घटना की गवाह बनेगी।

ऐतिहासिक चंद्रयान 2 के चंद्रमा पर उतरने का गवाह बनने के लिए इसरो द्वारा नोएडा के एक कक्षा 10 के छात्र का चयन किया गया है। 7 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में बेंगलुरु स्थित इसरो मुख्यालय में वह भी मौजूद रहेगा।

अनगिनत सपनों को लेकर चंद्रमा पर गए 'चंद्रयान-2' के पृथ्वी के प्राकृतिक उपग्रह पर सफलतापूर्वक उतरने के साथ ही रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत वहां 'सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का चौथा और चंद्रमा के अनदेखे दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरने वाला दुनिया का पहला देश बन जाएगा।

आगामी सात सितंबर को जब चंद्रयान-2 चंद्रमा पर कदम रखेगा तब इस पल को देखने के लिए केंद्रीय विद्यालय के 16 विद्यार्थी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इसरों में मौजूद रहेंगे।

चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) रविवार शाम 6:21 बजे चांद की पांचवीं कक्षा में पहुंच गया। चांद से यान की दूरी अब महज 109 से 120 किलोमीटर रह गई है। इसरो ने रविवार को कहा कि उसने चंद्रयान-2 को चंद्रमा की पांचवीं एवं अंतिम कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कराया।

इसरो ने चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से विक्रम लैंडर को सफलतापूर्वक अलग कर दिया जो सात सितंबर को चांद की सतह पर उतरेगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि यह प्रक्रिया अपराह्न 12 बजकर 45 मिनट पर शुरू हुई और एक बजकर 15 मिनट पर ऑर्बिटर से विक्रम अलग हो गया। इसरो के एक अधिकारी ने कहा कि जी हां, यह सफलतापूर्वक अलग हो गया।

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