ट्रेन को आता देख गर्दन को ट्रैक पर रखा, जानें क्या था आखिरी संदेश

Updated on: 15 July, 2020 06:14 PM

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में गोल चौराहे के पास रविवार दोपहर युवक ने इट्स माई मिस्टेक लिखकर ट्रेन को आता देख ट्रैक पर गर्दन रखकर जान दे दी। इलाकाई लोगों की सूचना पर पहुंची जीआरपी ने शव को ट्रैक से हटवाया। तलाशी के दौरान उसके पास से मिले कागजात से मृतक की पहचान कल्याणपुर निवासी ऑटो चालक के रूप से हुई। जीआरपी की सूचना पाकर परिजन रोते बिखलते हुए पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।

बजरिया के कंडेलगंज निवासी फूलसिंह का बड़ा बेटा कुलदीप सिंह उर्फ राजू (35) कल्याणपुर में पत्नी नीतू व चार बेटियां के साथ रहकर ऑटो चलाता था। रविवार दोपहर कुलदीप ने गोल चौराहे पर कानपुर-फर्रुखाबाद रेलरूट पर ट्रेन को आता देखकर ट्रैक पर गर्दन रख दी। ट्रेन की चपेट में आकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची अनवरगंज जीआरपी ने उसके पास से मिले कागजात के आधार पर परिजनों को सूचना दी तो कोहराम मच गया।

जीआरपी अनवरगंज चौकी प्रभारी ने बताया कि युवक के पास से एक कागज मिला था जिसमें इट्स माई मिस्टेक लिखा मिला था। परिजनों का कहना है कि कुलदीप ने आखिर ऐसा कदम क्यों उठाया उन्हें खुद भी इसकी जानकारी नहीं है।

रावतपुर गांव में छात्र व युवक ने फांसी लगाई
कल्याणपुर के रावतपुर गांव में छात्र और युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मूल रूप से जालौन जनपद के ककोल रमपुर गांव निवासी बृजपाल राजपूत का छोटा बेटा सौरभ (18) बीते चार महीनों से काकादेव कोचिंग मंडी में एसएससी की तैयारी कर रहा था। वह रावतपुर गांव में किराए पर रहता था। रविवार सुबह मकान मालिक ने उसका शव फंदे पर लटकता देखकर शोर मचाया। जानकारी पाकर कल्याणपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी तो मां सावित्री और बड़े भाई सनी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

दूसरी ओर, रावतपुर गांव के आनंद नगर में रहने वाले हार्डवेयर दुकानदार रामप्रकाश का बेटा ज्ञानदीप (25) सुबह काफी देर तक नहीं उठा तो मां लक्ष्मी कमरे में गईं। वह फंदे पर लटका हुआ था। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। कल्याणपुर इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार पांडेय ने बताया दोनों ही घटनाओं में परिजन आत्महत्या का कारण नहीं बता सके।

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