चिन्मयानंद केस : कॉलेज के कमरा नंबर 102 में बंद हैं स्वामी के खिलाफ सबूत

Updated on: 19 November, 2019 06:48 AM

एसएस लॉ कालेज के कमरा नंबर 102 में एलएलएम छात्रा रहती थी। सोमवार को छात्रा ने बताया कि हॉस्टल के कमरे में स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ सभी सबूत सुरक्षित हैं। इस कमरे को शुरू में ही छात्रा की मां ने सील करने की मांग की थी, उसके दो दिन के बाद मुकदमा दर्ज होने पर पुलिस ने उस कमरे को सील किया था।

इस कमरे को एसआईटी ने सोमवार तक नहीं खोला था, माना जा रहा है कि इस कमरे के खुलने पर तमाम राज बाहर आ सकते हैं, जिस तरह से छात्रा ने सबूतों वाली बात कही है कि उससे यही माना जा रहा है कि स्वामी की मुशकिलें बढ़ सकती हैं।

छात्रा बोली, संजय मेरा भाई है
एलएलएम छात्रा ने कहा कि वह तो जान बचाने के लिए भागती घूम रही थी। इस दौरान एक पूछे गए सवाल के जवाब में छात्रा ने कहा कि मेरे साथ राजस्थान में संजय भी था। छात्रा ने कहा कि संजय उसका भाई है। बताया कि स्वामी ने उस वक्त मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी, इसलिए वह परिवार वालों को बताए बगैर ही चली गई, बाद में सभी को पता लग जाए कि वह सुरक्षित है, इसलिए फेसबुक पर उसने वीडियो अपलोड किया।

दूसरी लड़कियों का भी शोषण किया
छात्रा ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद ने दूसरी लड़कियों का भी खूब शारीरिक शोषण किया है। वह कभी बोल नहीं पाईं। पर वह स्वामी के चंगुल से निकलकर हिम्मत जुटाकर बोली है। छात्रा ने कहा कि दूसरी लड़कियों के बारे में उसे कुछ नहीं कहना है। पर वह अपने बयान पर अटल है। छात्रा ने कहा कि मेरे साथ स्वामी चिन्मयानंद ने दुराचार किया, यह बात कोर्ट में बताई है। एसआईटी को भी पूरी बात बताई है। अब मैं न्याय का इंतजार कर रही हूं।

स्वामी से रंगदारी की भी जांच कराई
छात्रा ने सवाल के जवाब में कहा कि स्वामी से रंगदारी मांगने की मुझे कोई जानकारी नहीं है। अगर रंगदारी मांगी गई है कि तो उसकी भी जांच कराई जानी चाहिए। छात्रा ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद के खुद के शब्द हैं कि मेरे लॉ कालेज से हर साल न कितने ही वकील पढ़कर निकलते हैं, शाहजहांपुर मेरा है और यहां का पुलिस प्रशासन मेरा है। छात्रा ने कहा कि मुझे यूपी पुलिस से खतरा था, इसलिए दिल्ली में कोर्ट को सबकुछ बताया और दिल्ली में ही जीरो एफआईआर कराई।

मैं किसी दबाव में नहीं, मेरे पास कोई फोन नहीं
-एलएलएम छात्रा ने कहा कि उसके पास इस वक्त कोई फोन नहीं है, न ही उसे अभी कोई धमकी दी गई है। वह किसी दबाव में नही है। कहा कि मेरी एक ही बात है कि मेरी ओर से शाहजहांपुर में मुकदमा दर्ज कराया गया है। कहा कि एसआईटी से मुझे पूरा न्याय मिलने की उम्मीद है।

इसलिए रहती थी हॉस्टल में
छात्रा ने इस बात का खुलासा किया कि उसने जब हॉस्टल में रहना शुरू किया, तब से ही उसके साथ बहुत कुछ गलत होना शुरू हुआ। उसने बताया कि स्वामी ने जॉब ऑफर की थी। प्रिंसिपल काम ज्यादा देने लगे थे, तभी मुझे वहां रहने के लिए कमरा दिया गया। जब वह वहां रहने लगी, तभी से उसके साथ स्वामी चिन्मयानंद ने गलत करना शुरू कर दिया था। बताया कि वह किसी भी तरह से स्वामी को सजा दिलाकर ही रहेगी।

इसलिए दुराचार मामले की तहरीर दिल्ली में दी
छात्रा ने कहा कि उसे यूपी पुलिस से खतरा था, उसे भरोसा नहीं था, इसलिए उसने दुराचार वाली तहरीर दिल्ली पुलिस को दी। दिल्ली पुलिस ने जीरो क्राइम नंबर पर एफआईआर को दर्ज किया और उसके बाद उस एफआईआर को एसआईटी को सौंप दिया। इसके बाद भी शाहजहांपुर में अब तक स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ दुराचार का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। छात्रा ने कहा कि वह पुरजोर तरीके से मांग करती है कि उसकी ओर से दुराचार का मुकदमा दर्ज किया जाए।

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया