खाने की जिद पर अनाथलय की बच्ची को चिमटा से जलाया

Updated on: 20 October, 2019 12:38 PM

लहुराबीर स्थित काशी अनाथालय में खाने की जिद करना मासूम बच्ची को भारी पड़ा। वार्डेन ने उसे जलते चिमटे से पीट दिया। सोमवार को जब मामला उजागर हुआ तो आनन फानन में डीएम ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को भेजकर जांच करायी और वार्डेन को बर्खास्त कर दिया।

अनाथालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार सिंह की तहरीर पर चेतगंज थाने में वार्डेन के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। सूत्रों के अनुसार अनाथालय में बीते चार सितम्बर को तीन वर्षीय एक बच्ची कुछ खाने की जिद कर रही थी। वार्डेन माधुरी के मना करने पर भी नहीं मानी तो गुस्से में जलते चिमटे से बच्ची को मार दिया। 9 सितम्बर को सामाजिक संस्था आगमन के सचिव डॉ. संतोष ओझा से किसी ने शिकायत की तो उन्होंने जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह को अवगत कराया। जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रवीण त्रिपाठी को जांच के लिए भेजा और वार्डेन माधुरी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। हालांकि प्रवीण त्रिपाठी का कहना था कि वार्डेन ने बच्ची को नहीं मारा है, बल्कि कुछ बच्चे खेल रहे थे। इस दौरान किसी ने जलती वस्तु से बच्ची को मार दिया। इसमें वार्डेन की लापरवाही सामने आई कि उन्होंने ना तो किसी को जानकारी दी और ना ही बच्ची को इलाज के लिए भर्ती कराया। फिलहाल बच्ची को इलाज के लिए मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अनाथालय में कई जगहों के 45 बच्चे रहते हैं। प्रधानाचार्य व वार्डेन जा चुके हैं जेलमासूम बच्ची को मारने से पहले अस्सी स्थित मुमुक्षु माध्यमिक संस्कृत विद्यालय के दो छात्रों से अश्लील हरकत करने और विरोध करने पर पिटाई करने का मामला सामने आया था। इसमें छात्र के पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर कार्यवाहक प्रधानाचार्य त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल व वार्डेन राम प्रसाद द्विवेदी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया।

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