जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।

Updated on: 20 October, 2019 12:31 PM

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई सम्पन्न जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री जी द्वारा स्वंय इसकी समीक्षा की जा रही है, अतः इसका क्रियान्वयन पूरी गंभीरता के साथ किया जाय। मोटर वेहिकल एक्ट को जनपद में प्रभावी ढंग से लागू किया जाय और इसका कड़ाई से पालन कराया जाय जिससे दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। उन्होनें ए0आर0टी0ओ व पुलिस विभाग को निदेर्शित करते हुए कहा कि हेलमेट एवं सीट बेल्ट की जाॅच अभियान चलाकर किया जाय। उन्होनें कहा कि आज से ही इसकी शुरूआत सरकारी कर्मचारियों/अधिकारियों पर व पुलिस विभाग पर लागू कर दिया जाय। बिना हेलमेट व सीटबेल्ट लगाये जो भी पकड़ा जाय बिना जुर्माना के उसे कत्तई न छोड़ा जाय। बिना हेलमेट वाले दो पहिया वाहनों को पेट्रोल पम्पों से पेट्रोल नही मिलेगा। इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाय। उन्होनें परिवहन व पुलिस विभाग के अधिकारियों को हेलमेट व सीट बेल्ट के प्रचार-प्रसार व जागरूकता के कार्यक्रम कराने के भी निर्देश दिये।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निदेर्शित करते हुए कहा कि बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के कोई भी स्कूल वाहन किसी भी दशा में सड़क पर नही चलने चाहिए। अगर ऐसे वाहन चलते पाये गये तो उसे तत्काल सीज करें। ओवरलोडिंग वाले वाहनों को भी सीज कर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। जहाॅ कही भी दलालों की शिकायत संज्ञान में आये उनके खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही करे। उन्होनें लोक निर्माण विभाग के अभियन्ता से कहा कि जहाॅ कही भी आवश्यकता हो सुरक्षा के दृष्टिगत सड़कों पर स्पीड ब्रेकर व साइन बोर्ड लगवायें, विशेषकर विद्यालय व कालेज के आस-पास बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत प्राथमिकता के आधार पर यह कार्य करें। कहा कि स्कूल पर कैम्प लगवाकर अपने ड्राइवरों का नेत्र परीक्षण करवालें। ड्राइवरों को निर्धारित ड्रेस (खाकी पैंट व शर्ट) में तथा क्लीनरों को ब्लू पैंट व शर्ट पहनना होगा। अधिकतम निर्धारित स्पीड के लिए गतियंत्रों को वाहनों में लगा लिया जाय। वाहनांे की सभी सीटों पर सीटबेल्ट सहित सीसीटीवी कैमरे, फस्र्ट एड बाक्स इत्यादि का प्रबन्ध सुनिश्चित किया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए पूरी तरह से प्रशिक्षित वाहन चालकों को ही रखा जाय साथ ही वाहन चालक कोई भी नशे का सेवन न करें। क्षमता से अधिक बच्चों को वाहनों में न भरा जाय और किसी भी दशा में एलपीजी चालित वाहनों का प्रयोग नही किया जाय। उक्त मानकों का पालन कड़ाई से सुनिश्चित कराने के लिए उन्होनें परिवहन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक अधिकारी तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी को समन्वय बनाकर प्रभावी ढंग से कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
बैठक के दौरान सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, विजय प्रकाश सिंह, दिलीप कुमार गुप्ता, विनय कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक, क्षेत्राधिकारी सदर त्रिपुरारी पाण्डेय, प्रभारी यातायात सुबोध कुमार तोमर, खण्ड शिक्षा अधिकारी सहित विभिन्न स्कूलों के प्रबन्धक/प्राचार्यगण उपस्थित रहे।

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