चिन्मयानंद मामलाः स्वामी-छात्रा की कहानी में कैसे हुई संजय की एंट्री, SIT जांच खोलेगी कई राज

Updated on: 14 December, 2019 03:27 PM

स्वामी चिन्मयानंद(Chinmayanand) प्रकरण में गुरुवार को एसआईटी (SIT) ने स्वामी चिन्मयानंद, एसएस कालेज (SS college) और एसएस लॉ कालेज (SS Law college) के प्राचार्यों से पूछताछ की। एसआईटी का गुरुवार को ज्यादा मूवमेंट नहीं रहा।

गुरुवार दोपहर में पुलिस लाइन में एसएस कालेज के प्राचार्य डा. अवनीश मिश्रा और एसएस लॉ कालेज के प्राचार्य संजय बरनवाल को एसआईटी ने बुलाया था। दोनों प्राचार्य वहां एसआईटी के सामने पेश हुए। एक-एक कर दोनों लोगों से अकेले में सवाल किए गए। पहले संजय बरनवाल को बुलाया गया। सूत्रों के अनुसार उनसे छात्रा और कालेज के कार्यों के बारे में पूछा गया। छात्रा के व्यवहार, उसके काम आदि के बारे में पूछा गया। इसी तरह से एसएस कालेज के प्राचार्य डा. अवनीश मिश्रा से भी तमाम सवाल किए गए, करीब दो घंटे के बाद दोनों पुलिस लाइन से चले आए। इस दौरान शाम को स्वामी चिन्मयानंद से भी एसआईटी ने पूछताछ की।

सूरज ढलने पर एसआईटी के सामने पेश हुए चिन्मयानंद

स्वामी चिन्मयानंद गुरुवार शाम को जब सूरज ढल गया, तब धुंधलके में एसआईटी के सवालों के जवाब देने के लिए शाहजहांपुर पुलिस लाइन पहुंचे। कई घंटे तक एसआईटी की टीम सवाल दर सवाल करती रही। सूत्रों के मुताबिक स्वामी ने बड़ी बेबाकी के साथ एसआईटी को जवाब दिए।

स्वामी चिन्मयानंद से पूछताछ से पहले गुरुवार को एसआईटी ने सवालों की लंबी लिस्ट तैयार की। एसआईटी ने गुरुवार को पूरे दिन में स्वामी से पहले उनके ही एसएस कॉलेज और लॉ कॉलेज के प्राचार्यों से पूछताछ की थी। इस दौरान एसआईटी एक टीम पूरे दिन स्वामी से पूछने के लिए सवाल तैयार करते रहे। शाम को जब स्वामी चिन्मयानंद पहुंचे तो पूरी टीम उनके चारों ओर बैठी। उनमें से अलग-अलग अफसरों ने सवाल करने शुरू किए। स्वामी चिन्मयानंद से छात्रा को लेकर शुरू से लेकर आखिरी तक की कहानी सुनी गई। इस दौरान संजय की एंट्री कैसे हुई, छात्रा कैसे बगावत पर उतरी, फिर कैसे ब्लैकमेलिंग की कोशिश शुरू हुई, संजय से फोन पर क्या बात हुई....तमाम बातें उनसे पूछी गईं। स्वामी चिन्मयानंद से कई घंटे तक पूछताछ हुई।

बरेली जाकर एडमीशन फार्म भरना होगा

स्वामी चिन्मयानंद प्रकरण में अब छात्रा और उसके भाई का पढ़ाई को लेकर फिलहाल एसएस लॉ कालेज से कोई नाता नहीं रह गया है। छात्रा और उसके भाई अब बरेली के कालेजों में पढ़ेंगे। छात्रा विश्वविद्यालय से एलएलएम की पढ़ाई पूरी करेगी और उसका भाई सिल्वर कालेज में एलएलबी करेगा। एसएस लॉ कालेज ने दोनों के सभी प्रपत्र और जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। यहां तक दोनों की फीस के चेक भी काट कर संबंधित शिक्षण संस्थाओं को भेज दिए गए हैं।

अब छात्रा और उसके भाई को बरेली जाकर अपनी-अपनी शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। बता दें कि छात्रा के बयान उच्चतम न्यायालय में हुए थे। इसके बाद न्यायालय ने यूपी सरकार से कहा था कि छात्रा और उसके भाई को एसएस लॉ कालेज में खतरा है, इसलिए उनके एडमीशन की व्यवस्था दूसरे किसी लॉ कालेज में की जाए।

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया