सड़कें बनी नहर, थम गया पूरा शहर

Updated on: 17 October, 2019 07:09 AM

-शहर के तमाम इलाके हुए पानी से हुए लबालब, जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त

जाते हुए मानसून अपनी मौजूदगी का जबरदस्त एहसास कराया. 24 घंटे लगातार बादल बरसे और इस कदर पानी गिराया कि पूरा शहर लबालब हो गया. जिसके चलते लगभग पूरा शहर ठप पड़ गया. स्कूल-कॉलेज बंद हो गए. ऑफिसेज में उपस्थिति कम हुई.

रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टेशन, बाबतपुर एयरपोर्ट, बीएचयू सहित जिला-मंडलीय हॉस्पिटल अन्य स्थानों पर लोगबाग दिन भर हलकान हुए.

सड़कें नहर बन गई तो मकान-दुकान में घुसे पानी बाहर निकालने में ही लोगों का पूरा दिन बीत गया. भारी बारिश को देखते हुए डीएम वाराणसी सुरेंद्र सिंह ने इंटर तक के सभी स्कूल-कॉलेज शनिवार तक बंद रखने के निर्देश दिए. उधर, गंगा और वरुणा नदी का पानी एक बार फिर उफान पर आ गया है.

टूटा बारिश का रिकॉर्ड

बनारस में जमकर बरसे मेघ ने दो दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया. वेदर रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 130.6 मिमी बरसात बनारस में हुई है. इससे पहले 19 अगस्त 2009 को भारी बरसात हुई थी. उस समय आल टाइम रिकार्ड 129.5 मिमी दर्ज किया गया था. हालांकि बनारस में 15 सितंबर 1976 सबसे अधिक बारिश 254.4 मिमी रिकॉर्ड दर्ज किया गया है. वेदर रिपोर्ट के मुताबिक यह भी मानना होगा कि सितंबर माह में ही सबसे अधिक वर्षा भी हुई है.

अभी और बरसेंगे बादल

बारिश से अभी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. मौसम विभाग ने चेताया है कि रविवार तक ऐसे ही बारिश होती रहेगी. बंगाल की खाड़ी से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से नम हवा आ रही है. इसके कारण बनारस के साथ ही पूरे पूर्वाचल में बारिश हो रही है. यह स्थिति 28 व 29 सितंबर तक बनी रहेगी. 30 सितंबर के बाद ही मौसम के साफ होने की संभावना है. पुरुवा हवा ने सिहर पैदा कर दिया है.

शुक्रवार को पूरे दिन हुई बारिश ने लोगों को घर के अंदर ही कैद रखा. ठंडक का एहसास होने पर लोगों ने फुल बांह के कपड़े धारण किए तो कुछ ने चादर का भी उपयोग किया. घरों में एसी-कूलर बंद रहे.

अभी दो-तीन दिनों तक मौसम के साफ होने की उम्मीद नहीं है. बंगाल की खाड़ी से 20 किमी रफ्तार से आ रही नम हवा ने ठंडक का एहसास करा दिया है. यही कारण है कि बनारस सहित पूरे पूर्वाचल में भारी बारिश हो रही है.

प्रो. एसएन पांडेय, मौसम विज्ञानी
बीएचयू

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