रीना हत्याकांड: मौत के दो दिन बाद तक कोई इस्तेमाल कर रहा था गायब मोबाइल फोन का वाट्सएप

Updated on: 20 October, 2019 12:28 PM

डॉक्टर रीना के परिजनों ने गुरुवार को सर्किट हाउस में जनसुनवाई कर रहीं राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना चौबे से फिर मुलाकात की। परिजनों ने पुलिस पर घटना के तीन महीने बाद भी चार्जशीट दाखिल नहीं करने और साक्ष्यों को छिपाने का आरोप लगाया। चचेरे भाई विवेक कुमार सिंह ने कहा कि रीना का जो मोबाइल पुलिस को कई दिनों तक नहीं मिल रहा था, उसको हत्या के दो दिन बाद तक कोई इस्तेमाल कर रहा था। इसकी तस्दीक फोन के वाट्सएप से हो रही है। आज भी रीना के मोबाइल का वाट्सएप लास्ट सीन तीन जुलाई दिखा रहा है। विवेक ने आरोप लगाया कि रीना का मोबाइल उसका पति आलोक ही इस्तेमाल कर रहा था।

डाक्टर रीना की एक जुलाई की देर रात अपने ही घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पति आलोक ने रीना के परिवार वालों को बताया कि सीढ़ी से गिरने के कारण चोट लगी और अस्पताल में मौत हो गई। जबकि सीसीटीवी फुटेज में डाक्टर रीना छत से गिरती हुई दिखाई दीं। इसके बाद रीना के पिता की तहरीर पर पति आलोक के साथ सास-ससुर के खिलाफ भी हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया गया। इस दौरान परिजनों ने पुलिस पर कई आरोप लगाए।

लखनऊ से लेकर वाराणसी तक धरना प्रदर्शन के बाद पुलिस पर दबाव बढ़ा तो घटना के 23 दिन बाद आलोक ने कैंट थाने में सरेंडर किया था। सरेंडर के दौरान उसकी आवभगत होने पर कैंट इस्पेक्टर पर भी कार्रवाई हुई। रीना के परिजनों का आरोप है कि इंस्पेक्टर पर कार्रवाई के बाद भी जांच में कोई तेजी नहीं आई। कई अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद गुरुवार को महिला आयोग में पहुंचे डाक्टर रीना के चचेरे भाई विवेक सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस अब तक रीना के मोबाइल का लॉक नहीं खोल सकी है। जबकि डॉ. आलोक को मोबाइल का लॉक भी पता है। हत्या के दो दिनों बाद तक रीना का मोबाइल आलोक ही इस्तेमाल कर रहा था। विवेक ने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर साक्ष्य हासिल नहीं करना चाहती है। चार्जशीट दाखिल करने में देरी कर रही है, जिससे आलोक को जमानत मिल सके। पूरे मामले में महिला आयोग की सदस्य मीना चौबे ने एसएसपी आनंद कुलकर्णी से बात की और जांच पूरी करने का निर्देश दिया।

वहीं, रीना के परिजनों के आरोप पर कैंट के सीओ अनिल कुमार का कहना है कि मोबाइल की काल डिटेल रिपोर्ट निकलवाई गई थी। उसकी जांच हुई है और कोई भी ऐसी चीज नहीं मिली जिस पर संदेह किया जा सके। रीना के परिजनों की हर मांग को पूरा किया जा रहा है। उनके ही कहने पर सीन रीक्रिएशन से लेकर तमाम जांच कराई गई। बारी बारी से सभी की रिपोर्ट भी आ रही है।

डेढ़ महीने पहले आ गई फॉरेंसिक रिपोर्ट
डॉ. रीना सिंह की मौत के मामले में लखनऊ से आई मेडिकोलीगल एक्सपर्ट की टीम ने सीन रीक्रिएशन किया। टीम ने अपनी रिपोर्ट 14 अगस्त को एसएसपी को सौंप दी थी। इसके बाद विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने 27 अगस्त को मौके से बरामद सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग की जांच कर रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट में कहा गया कि सुसाइड नोट डॉ. रीना ने लिखा थी। इन दोनों रिपोर्ट के आने के बावजूद पुलिस की विवेचना आगे नहीं बढ़ी है।

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