पनामा के जंगलों से गुजरते हुए कई लाशें देखीं, मैक्सिको से लौटे एक भारतीय ने सुनाई दास्तां

Updated on: 07 December, 2019 05:13 PM

अमेरिका में चोरी छिपे प्रवेश करने के लिए अवैध रूप से मैक्सिको पहुंचे 311 से अधिक भारतीय नागरिक वहां से प्रत्यर्पित होकर शुक्रवार की सुबह यहां पहुंचे। अमेरिका में बेहतर जीवन और नौकरी की आशा को लेकर वहां पहुंचे लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। अधिकारियों ने कहा कि चार्टर्ड विमान से एक महिला सहित 311 भारतीयों को वापस भेजा गया और उनके साथ मैक्सिको के 74 अधिकारी भी आए हैं। प्रत्यर्पित होकर लौटने वालों में अधिकतर पंजाब और हरियाणा के रहने वाले हैं।

छह देशों से गुजरने के बाद मैक्सिको पहुंचे : मैक्सिको से लौटने वालों में 19 वर्षीय मनदीप सिंह भी है जिसने सेना प्रवेश परीक्षा में विफल रहने के बाद जून में ही पटियाला छोड़ दिया था। स्कूल पास करने के बाद अमेरिका जाने के सपने के साथ घर छोड़ने वाले मनदीप ने कहा कि वह सात देशों से गुजरा। वह सबसे पहले इक्वाडोर पहुंचा और अंतिम बार मैक्सिको। उसने दावा किया कि उसने अपने राज्य में एजेंट को 20 लाख रुपये का भुगतान किया।

भयावह यात्रा अब कभी वापस नहीं जाऊंगा : मनदीप ने कहा कि पनामा के जंगलों से गुजरते हुए उसने कई लाशें देखीं जो संभवत: उसके जैसे लोगों की थी जो वहां जाना चाहते थे। उसने कहा कि मैं कभी वापस नहीं जाऊंगा।

सपनों को पूरा करने के लिए लाखों खर्च कर जंगल में भटके
अपने सपने को पूरा करने के लिए जंगलों में भटकने और लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद ये भारतीय लौट आए हैं। प्रत्यर्पित होकर लौटे जश्नप्रीत सिंह ने कहा कि हम सुबह पांच बजे पहुंचे और औपचारिकताएं पूरी करने में कई घंटे लग गए। हम दोपहर करीब एक बजे हवाई अड्डे से बाहर निकल सके।

मैक्सिको ने अमेरिका जाने की कोशिश करने वाले 311 भारतीयों को वापस भेजा
अमेरिका के एच1बी वीजा में सख्ती बरतने के बाद मैक्सिको के आव्रजन अधिकारियों ने देश में अवैध रूप से प्रवेश करने और अमेरिका जाने की कोशिश करने वाले 311 से अधिक भारतीयों को वापस भारत भेज दिया है। आईएएनएस को मिली जानकारी के अनुसार इसमें कुछ सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी हैं।

अवैध रूप से अमेरिका जाने के लिए इन दिनों लोग मैक्सिको और हंगरी को चुन रहे हैं। शुक्रवार (18 अक्टूबर) को मैक्सिको आव्रजन अधिकारियों ने 311 भारतीयों को वापस भारत भेजा, जिनमें 310 पुरुष और महिला शामिल थी। मेक्सिको के रास्ते अमेरिका में घुसने का प्रयास कर रहे यह भारतीय शुक्रवार (18 अक्टूबर) को एक विशेष विमान से दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचे।

भारत ने इंजीनियरों, आईटी पेशेवरों के लिए अमेरिका से एच1बी वीजा में नरमी बरतने की अपील की है, हालांकि अभी तक इसमें कोई ढील नहीं दी गई है। इसकी वजह से अमेरिका में साफ्टवेयर कंपनियों को प्रतिभावान सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की कमी से जूझना पड़ रहा है। मैक्सिको पहुंचे भारतीयों को मैक्सिकन राज्यों ओक्साका, बाजा कैलिफोर्निया, वेराक्रूज, चियापास, सोनोरा, मैक्सिको सिटी, डुरंगो और तबस्स्को में कई महीनों के दौरान पकड़ा गया था।

मैक्सिकन अधिकारियों का आरोप है कि ये भारतीय अवैध रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश करने के लिए पिछले कुछ महीनों में मैक्सिको पहुंचे थे। अधिकारियों के अनुसार, सभी भारतीयों को आपातकालीन प्रमाण पत्र जारी किया गया। यह प्रमाण पत्र एक तरह से वह यात्रा दस्तावेज है, जो एक आपातकालीन स्थिति में भारतीय नागरिकों को भारत में प्रवेश करने की अनुमति देता है। यह कागजात उन लोगों को जारी किए जाते हैं, जिनके यात्रा दस्तावेज गुम हो गए हों, उन्हें नुकसान पहुंचा हो या फिर उनके पास कोई वैध पासपोर्ट न हो।

यह मैक्सिको द्वारा की गई पहली ऐसी कार्रवाई है। मैक्सिको ने अमेरिका में घुसने के लिए अपने क्षेत्र का उपयोग करने वाले लोगों पर नकेल कसने के प्रयासों को काफी बढ़ाया हुआ है। मैक्सिको ने सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने और प्रवासियों को वापस भेजने की अपनी नीति का विस्तार किया है।

दरअसल, जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिको को उसकी सीमाओं के माध्यम से अमेरिका में प्रवेश करने वाले लोगों पर रोक लगाने की चेतावनी जारी की थी। इसके बाद अब मैक्सिको ने यह कदम उठाया है। सरकार के सूत्रों ने कहा कि भारत किसी भी देश में अवैध प्रवास को सही नहीं मानता है।

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