कमलेश तिवारी हत्याकांड: दुबई में रची गई साजिश, हत्या के लिए सूरत से खरीदी पिस्टल- गुजरात ATS

Updated on: 07 December, 2019 05:37 PM

लखनऊ. हिंदू महासभा (Hindu Mahasabha) के पूर्व अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या (Kamlesh Tiwari Murder) मामले में बड़ा पर्दाफाश हुआ है. कमलेश तिवारी (Kamlesh Tiwari) की हत्या भले ही लखनऊ (Lucknow) में हुई हो लेकिन इसकी साजिश दुबई (Dubai) में रची गई थी. गुजरात एटीएस (Gujarat ATS) ने दावा किया है कि कमलेश तिवारी की हत्या के लिए सूरत से पिस्टल खरीदी गई थी. वहीं साजिश रचने के बाद एक शख्स दो महीने पहले ही दुबई से भारत कमलेश तिवारी की हत्या के लिए आया था. गुजरात एटीएस ने बताया कि कमलेश तिवारी की हत्या के लिए दुबई से आए शख्स ने दो लोगों को तैयार किया. सूरत से मिठाई खरीदने वाले दोनों लोग शूटर थे. बता दें कि शुक्रवार को कमलेश तिवारी की लखनऊ में उनके घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई थी.

गुजरात एटीएस ने छह को हिरासत में लिया
इससे पहले शनिवार सुबह इस मामले में गुजरात के सूरत में पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया. हिरासत में लिए गए लोगों में इस हत्याकांड में एक की भूमिका संदिग्ध होने की बात कही जा रही है. इन सभी को गुजरात एटीएस ने हिरासत में लिया और वो यूपी पुलिस और एसआईटी से लगातार संपर्क में है.

हत्या के बाद रूम से मिला था सूरत का डब्बा

कमलेश तिवारी की हत्या के बाद उनके कमरे से सूरत घारी मिठाई का डब्बा मिला था. घारी सूरत की मशहूर मिठाई है. इस डब्बे में आरोपियों ने हथियार लाए थे. बताया जा रहा है कि सूरत की धरती फूड एंड स्वीट दुकान से यह घारी मिठाई खरीदी गई थी. यह जानकारी सामने आने के बाद सूरत पुलिस की टीम ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे को चेक भी किया था.

बता दें कि गुजरात एटीएस ने दो साल पहले यानी अक्टूबर 2017 में आईएसआईएस के दो आतंकियों को पकड़ा था. इन दोनों आरोपियों को कमलेश तिवारी का वीडियो दिखाकर उन्हें मारने के लिए कहा गया था. गिरफ्तार आतंकियों से जब पुलिस ने पूछताछ की थी तो उन्होंने कमलेश तिवारी का नाम लिया था.

मामले की जांच के लिए UP सरकार ने गठित की सीट

वहीं शुक्रवार को हुई कमलेश तिवारी की हत्या मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित की है. इस टीम में लखनऊ के आईजी एस.के भगत, एसपी क्राइम लखनऊ दिनेश पुरी और स्पेशल टास्क फोर्स के डिप्टी एसपी पीके मिश्रा होंगे. डीजीपी के मुताबिक तिवारी को पिछले कई महीनों से सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी. वारदात के समय एक सुरक्षाकर्मी उनके आवास के नीचे तैनात था, जिसने हत्यारों को रोका और कमलेश तिवारी से पूछकर ही उन्हें अंदर जाने दिया. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच तेजी से करते हुए हत्यारों को तुरंत पकड़ा जाएगा.

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