कमलेश मर्डर केस : ड्राइवर ने फुटेज देखकर हत्यारों को पहचाना

Updated on: 07 December, 2019 04:43 PM

कमलेश तिवारी हत्याकांड में एसटीएफ हत्यारों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। शाहजहांपुर में हत्यारों के देखे जाने के बाद एसटीएफ ने उनकी तस्वीरें उस इनोवा चालक को दिखाईं जो उन्हें लेकर गया था। तस्वीरें देखते ही चालक ने उनकी तस्दीक कर दी। एसटीएफ ने ड्राइवर से कई घंटे तक पूछताछ की और उससे याद कर यह बताने को कहा था कि रास्ते भर दोनों ने क्या क्या बातें की, फोन पर कोई बात संदिग्ध लगी थी कि नहीं। कहां-कहां गाड़ी रुकवाई थी दोनों ने।

शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के पास हत्यारोपी रविवार रात 11:57 बजे देखे गए थे। फिर 12: 02 बजे दोनों हत्यारे रेलवे स्टेशन की ओर से पैदल ही पिठ्ठू बैग लादे हुए दिखे। ये लोग अशफाक नगर पुलिस चौकी की तरफ जाने वाले रास्ते पर जा रहे थे। वहीं स्थित पैराडाइज होटल के सीसीटीवी में इनकी कई फुटेज कैद हुई है।

10 मिनट देर हो गई, वरना पकड़ जाते हत्यारे
एसटीएफ शाहजहांपुर में 10 मिनट पहले पहुंच गई होती तो शायद हत्यारे पकड़ में आ गए होते। हत्यारों को इस बात का अंदेशा हो गया था कि आसपास एसटीएफ है, इसीलिए उन्होंने दिल्ली के लिए चार ट्रेन होने के बाद भी इंतजार नहीं किया। वह रेलवे स्टेशन से चले गए। जब दोनों हत्यारे पैराडाइज होटल के आगे से पैदल गुजरे, उस वक्त अमृतसर से गोरखपुर जाने के लिए ट्रेन खड़ी थी। हत्यारे ट्रेन से ही दिल्ली की ओर जाना चाहते थे, तभी तो वह इनोवा गाड़ी से शाहजहांपुर रविवार रात ऐसे वक्त पर पहुंचे, जब दिल्ली के लिए एक नहीं चार ट्रेनें मिल सकती थीं। पर हत्यारों को मुरादाबाद में ट्रेन रोक कर कुछ संदिग्धों से हुई पूछताछ की जानकारी थी। इसी वजह से वह ट्रेन से नहीं गए।


बिजनौर में चेकिंग अभियान चला
खुफिया एजेंसियों के बिजनौर में कमलेश तिवारी के हत्यारों के छिपे होने की आशंका जाहिर करने पर बिजनौर पुलिस ने रामपुर चुंगी के आसपास कई घरों और जंगलों में सर्च अभियान चलाया। सोमवार रात साढ़े दस बजे बिजनौर एसपी संजीव त्यागी के नेतृत्व में पुलिस शहर में संघन चेकिंग अभियान चलाया। रामपुर चुंगी के पास पुलिस ने कई घरों में सर्च अभियान चलाया, जिससे लोग हैरत में पड़ गए।उधर गोला गोकर्णनाथ-खीरी में वकीलों में भी रोष है। सोमवार को वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किए।

गुजरात पुलिस को अलर्ट किया गया
ड्राइवर से मालिक का मोबाइल नम्बर मिलते ही एसटीएफ ने कॉल डिटेल निकलवायी। इसमें तीन-चार नम्बर सूरत के निकले। इन नम्बरों को जब मिलाया गया तो वे स्विच ऑफ मिले। इस पर एसटीएफ ने गुजरात के पुलिस मुखिया को अलर्ट कर दिया और इस सम्बन्ध में कई जानकारियां उपलब्ध कराने को कहा।


शाहजहांपुर से लखीमपुर तक दबिश
एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस की मदद से शाहजहांपुर और लखीमपुर में कई जगह दबिश दी। कई मदरसों, मुसाफिरखाने, मस्जिदों में पूछताछ की। इसके अलावा कई होटलों में भी सोमवार दोपहर तक तलाशी ली जाती रही। रेलवे स्टेशनों पर काफी देर तक पुलिस चहलकदमी करती रही।

हत्यारों की संपर्क में था नागपुर में पकड़ा गया आसिम अली
कमलेश तिवारी हत्याकांड में सूरत से तीन साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद यूपी व सूरत पुलिस को साजिशकर्ता और हत्यारों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं। इसी दौरान नागपुर के जिंगाबाई टकली, ओम आटा चक्की के पास प्लॉट नंबर-17 में रहने वाले सैय्यद आसिम अली के इनके संपर्क में रहने की बात सामने आई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उस समय आसिम के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी थी। सूत्रों का दावा है कि आसिम अली के सूरत में पकड़े साजिशकर्ताओं से अलग-अलग नंबर पर कई बार बात हुई थी। इसके अलावा वह हत्यारों अशफाक हुसैन और मोइनुद्दीन के भी संपर्क में रहा था। यहां तक कहा जा रहा है कि हत्यारों ने वारदात के कुछ मिनट बाद ही आसिम अली को भी फोन किया था। इसके बाद ही आसिम का मोबाइल बंद हो गया था। सैय्यद आसिम अली से महराष्ट्र एटीएस के अधिकारी पूछताछ कर रहे है। उन्होंने यूपी पुलिस से भी कई जानकारियां ली है।

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