गोपाल कांडा से भाजपा समर्थन लेगी या नहीं? विधायक दल की बैठक में होगा फैसला

Updated on: 22 November, 2019 09:26 AM

हरियाणा में सरकार बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी हिसार से विधायक गोपाल कांडा का समर्थन लेगी या नहीं, इस पर पार्टी विधायक दल की बैठक में फैसला लिया जाएगा। प्रदेश भाजपा प्रभारी अनिल जैन ने शनिवार को चंडीगढ़ में यह जनाकारी दी। वे यहां भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल होने आए हैं।

वहीं दूसरी ओर जननायक जनता पार्टी (जजपा) के नेता दुष्यंत चौटाला के भी दोपहर में चंडीगढ़ पहुंचने की संभावना है और वह अपनी पार्टी का समर्थन भाजपा को देने संबंधी पत्र सौंपने के लिए राज्यपाल से मिलेंगे। जजपा के साथ गठबंधन होने के बाद भाजपा हरियाणा में नयी सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। जजपा ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 10 सीट हासिल की है।

सत्तारूढ़ भाजपा ने उपमुख्यमंत्री का पद जजपा को देने की पेशकश की है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार (25 अक्टूबर) को नयी दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि मुख्यमंत्री उनकी पार्टी का होगा और उपमुख्यमंत्री का पद क्षेत्रीय पार्टी को दिया जाएगा।

किसी पार्टी को नहीं मिला बहुमत, भाजपा सबसे बड़ी पार्टी
राज्य विधानसभा चुनाव में किसी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, हालांकि भाजपा 40 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। चुनाव नतीजे आने के बाद भारतीय जनता पार्टी अगली सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत के आंकड़े से छह सीट पीछे रह गई। चुनाव में कांग्रेस को 31 सीटों पर जीत मिली है, जबकि जननायक जनता पार्टी (जजपा) को 10 और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और हरियाणा लोकहित पार्टी (एचएलपी) को एक-एक सीट मिली हैं। स्वतंत्र उम्मीदवारों ने सात सीटों पर जीत दर्ज की है।

2014 की तुलना में इस बार कम हुआ मतदान
हरियाणा में सोमवार (21 अक्टूबर) को 68 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया था जो 2014 में हुए विधानसभा चुनाव की तुलना में कुछ कम था। उस वर्ष 76.54 प्रतिशत मतदान हुआ था। वर्ष 2014 में भाजपा ने 47 सीटों पर जीत दर्ज की थी और कांग्रेस को 15 सीटें मिली थी। इंडियन नेशनल लोकदल ने 19 सीटों पर जीत हासिल की थी और बहुजन समाज पार्टी तथा शिरोमणि अकाली दल को एक-एक सीट मिली थी। पांच निर्दलीय थे। इस बार 105 महिलाओं समेत 1,169 उम्मीदवार मैदान में थे।

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