Whatsapp से जासूसी का मामला गरमाया, प्रफुल्ल पटेल समेत ये बने शिकार!

Updated on: 16 November, 2019 05:47 AM

व्हाट्सएप के जरिए जासूसी करने का मामला बढ़ता जा रहा है। जासूसी का शिकार बनने वालों की सूची में भारत के कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, वकीलों और पत्रकारों के नाम शामिल हैं।

व्हाट्सएप के एक अधिकारी ने बताया कि भारत में जिन लोगों को निशाना बनाया गया, उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल, पूर्व लोकसभा सांसद और पत्रकार संतोष भारतीय के नाम भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी ने ऐसे 41 लोगों की पहचान की है, जिनकी जासूसी हुई। इनमें से 21 पत्रकार, वकील और कार्यकर्ता हैं। उन्होंने बताया कि इन लोगों से टोरेंटो स्थित रिसर्च फर्म सिटिजन लैब या फिर खुद व्हाट्सएप ने संपर्क करके जासूसी की जानकारी दी।

32 वर्षीय शख्स जिन्हें पिछले महीने सिटिजन लैब से फोन आया था, उन्हें बताया गया कि वे उन 1400 लोगों में शामिल हैं, जिनके व्हाट्सएप की जासूसी हुई है। व्हाट्सएप द्वारा भेजे गए एक संदेश से सतर्क हुए पटेल ने कहा कि उन्हें याद नहीं है कि उन्हें संपर्क किया गया था। व्हाट्सएप के अधिकारी ने कहा, 'यह संभव है कि कई लोगों ने मैसेज पर ध्यान नहीं दिया होगा।' व्हाट्सएप अधिकारी ने कहा कि पटेल के कम से कम एक फोन पर इजराइली सॉफ्टवेयर से निशाना साधा गया था।


बता दें कि व्हाट्सऐप ने गुरुवार को कहा था कि इजराइली स्पाईवेयर 'पेगासस' के वैश्विक स्तर पर जासूसी की जा रही है। भारत के कुछ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस जासूसी का शिकार बने हैं। इसके बाद लोगों की निजता को लेकर नये सिरे से बहस छिड़ गयी थी। इस खुलासे के बाद भारत सरकार ने व्हाट्सऐप से मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। सरकार ने कंपनी से पूछा है कि उसने करोड़ों भारतीयों की निजता की सुरक्षा के लिये क्या कदम उठाये हैं।

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट किया कि भारत सरकार व्हाट्सऐप पर भारत के लोगों से जुड़ी जानकारियों की चोरी को लेकर चिंतित है। हमने व्हाट्सऐप को यह स्पष्ट करने को कहा है कि यह किस प्रकार की जासूसी है और उसने करोड़ों भारतीयों की निजता की सुरक्षा के लिये क्या कदम उठाया है।

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया