अयोध्या फैसले वाले दिन 183 लोग रहेंगे नजरबंद, जानें क्यों

Updated on: 14 November, 2019 02:39 AM

अयोध्या प्रकरण में जिस दिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला आएगा, उस दिन बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा सहित 183 लोगों को नजरबंद कर दिया जाएगा। योगेश वर्मा दो अप्रैल 2018 को भारत बंद के दौरान मेरठ में हिंसा फैलाने के आरोपी हैं। हिंसा की फाइल पुलिस ने दोबारा खोल ली है। इसमें जितने भी लोग जेल गए थे, उन सभी को नजरबंद करने की तैयारी है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी फैसले वाले दिन इंटरनेट सुविधा बंद कराने पर भी विचार कर रहे हैं, ताकि लोग कोई भड़काऊ मैसेज वायरल न करने पाएं।

एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि दो अप्रैल 2018 को भारत बंद के दौरान मेरठ में हिंसा हुई थी। शोभापुर पुलिस चौकी फूंक दी गई थी। एक प्रदर्शनकारी की गोली लगने से मौत हो गई थी। करोड़ों रुपये की संपत्ति को दंगाइयों ने नुकसान पहुंचाया था। इस हिंसा में बसपा के पूर्व विधायक और मेयर पति योगेश वर्मा सहित 183 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे। सैकड़ों लोग जेल भी गए थे। अयोध्या प्रकरण में फैसले वाले दिन इन लोगों से शहर का माहौल प्रभावित होने की आशंका है। इसलिए उस हिंसा में नामजद हुए लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इन्हें एक दिन के लिए नजरबंद भी किया जा सकता है।

विवादित फोटो शेयर करने पर प्रतिबंध
एसएसपी ने बताया कि दस हजार से ज्यादा व्हाट्स एप ग्रुपों पर नजर रखी जा रही है। इसमें जो लोग शामिल हैं, उनमें से कुछ के नंबर सर्विलांस पर भी लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि साइबर की अतिरिक्त चार टीमें बना दी गई हैं। आईजी कार्यालय और पीटीएस में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस साइबर लैब भी अपना काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रकरण से जुड़े विवादित फोटो को शेयर करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

ड्रोन से होगी निगरानी
ट्रैफिक पुलिस के पास चार ड्रोन कैमरे हैं। सभी को निकलवा लिया है। इसके साथ चार अन्य ड्रोन कैमरों की अलग से व्यवस्था की जाएगी। यह सभी आठ ड्रोन कैमरे अतिसंवेदनशील व संवेदनशील क्षेत्र हापुड़ अड्डा, लिसाड़ी गेट, श्याम नगर, पिलोखड़ी का पुल, कांच का पुल, जाकिर कालोनी, भूमिया पुल, जली कोठी, सोतीगंज समेत आदि क्षेत्रों में उड़ाए जाएंगे। जिससे शहर की निगरानी हो सके।

40 मीटिंग हो रहीं रोज
अयोध्या प्रकरण को लेकर शहर में ही हर थाना क्षेत्र में 40 से ज्यादा मीटिंग रोजाना हो रही हैं। इसके साथ पूरे जिले में 75 से ज्यादा स्थानों पर अयोध्या प्रकरण को लेकर मीटिंग हो रही हैं। सभी थानेदार और सीओ को हर रोज अलग-अलग वर्ग की बैठक करने का निर्देश दिया गया है।

अयोध्या प्रकरण में जल्द फैसला आने वाला है। मीटिंग का दौर जारी है। यदि किसी ने शहर का माहौल खराब करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई होगी। -अजय साहनी, एसएसपी मेरठ

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