पाकिस्तान की सरकारी प्रेस में छप रहे नकली भारतीय नोट

Updated on: 19 November, 2019 04:25 AM

आतंकी घुसपैठ की फिराक में रहने वाले पाकिस्तान ने नकली भारतीय नोटों की छपाई में अपनी ताकत लगा दी है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की इस साजिश को वहां की सरकार का पूरा समर्थन मिल रहा है। नकली नोटों की जहां-तहां छपाई करने वाला आईएसआई अब पाकिस्तान के सरकारी प्रेस में इसे छाप रहा है। यह प्रेस पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची में है।

मिलते-जुलते केमिकल का किया जुगाड़

पाकिस्तान की इस साजिश की खुफिया इनपुट के बाद जांच एजेंसियां चौकस हैं। सूत्रों के मुताबिक नवम्बर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद से पाकिस्तान नए भारतीय नोटों का नकल करने में लगा है। काफी कोशिशों के बावजूद वह अबतक हूबहू इसकी नकल नहीं कर पाया है। पर काफी हद तक नकल करने में कामयाब हो गया है। बताया जाता है कि 2000 के नोटों की छपाई में जिस केमिकल का इस्तेमाल होता है उससे मिलता-जुलता केमिकल आईएसआई ने जुगाड़ कर लिया है। 

नोटबंदी के पहले 1000 और 500 रुपए के नकली नोटों की छपाई बड़े पैमाने पर पाकिस्तान में होती थी। इन नोटों को नेपाल और बांग्लादेश के रास्ते भारत में भेजा जाता था। नोटबंदी के चलते अचानक इसपर ब्रेक लग गया। पुराने नोटों की जगह 2000 और 500 के नए नोट आ गए। नए नोटों की छपाई में भारत सरकार ने पहले की अपेक्षा अधिक सावधानी बरती है। इसमें इस्तेमाल कागज और सुरक्षा मानक भी पहले के मुकाबले काफी बेहतर हैं। इसी वजह से अबतक इसकी नकल पूरी तरह से नहीं हो पायी है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इसके लिए बेचैन है और मिलता-जुलता नोट छापने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है।

तस्कर गिरोहों पर नजर

खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों में नकली नोटों की तस्करी में शामिल रहे तमाम गिरोहों पर नजर रख रही है। उसकी कोशिश है कि नेपाल या बांग्लादेश के रास्ते यदि नकली नोटों की कोई खेप भेजी जाती है तो उसे हर हाल में पकड़ा जाए। नकली नोट बरामद होने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि उसकी छपाई कितनी सफाई से हुई है। कुछ माह पूर्व काठमांडू हवाईअड्डे पर 2000 के भारतीय नकली नोटों की खेप बरामद हुई थी। यह खेप आईएसआई द्वारा भेजी गयी थी। पर भारतीय खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक लग गई और नकली नोटों की खेप काठमांडू हवाईअड्डे पर ही जब्त कर ली गयी।

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