नौ दिवसीय कथा का हुआ आयोजन

Updated on: 19 November, 2019 01:59 AM

बबुरी के हटिया गांव में श्री प्रकटेश्वर हनुमान जी के प्रांगण में नौ दिवसीय रामकथा का आयोजन किया गया जिसमें दूसरे दिन कथा वाचिका देवी श्री रिचा मिश्रा जी ने रामकथा के महत्व को बताते हुए कहा की रामकथा हर मानव के लिए है।जिसमें जाति नाम का कोई शब्द ही नहीं है। रामचरितमानस तो धर्म का बंटवारा करता है। न ही जाती का रामचरितमानस हमारी संस्कृति है रामकथा मानव धर्म सिखाती है पराई पीर का अमृत पीने तुझे नहीं आता मनुष्यता के आंचल को तुम्हें पीना नहीं आता राम का अर्थ होता है।राष्ट्र का मृगल करना सबसे बड़ा गुरु हनुमान जी हैं ।जय जय जय हनुमान गोसाई कृपा करहु देव की नाई हनुमान जी सभी प्रकार के सुख दे सकते हैं दूसरा गुरु सत्संग है क्योंकि सत्संग में शंकर जी मां सती के सत्य जाते थे राम कथा सुनने के पहले व्यक्ति को अहंकार लालच इस्या मान को त्याग देना होगा। तभी राम मिलेंगे स्व गुणमान करना व दूसरे की निन्दा करना छोड़ दो राम कथा में पूर्वग्रस्त व्यक्ति कभी कथा नही समझ सकता राम कथा को श्रद्धा से सुनना चाहिए इसी मान से शंकर जी सुनते थे जिनके हृदयँ में भगवान राम निवास करते हैं।
कथा संयोजक जितेन्द्र प्रताप सिंह, सन्तोष तिवारी,रामध्वजा सिंह,विनोद कुमार सिंह ,विजयी प्रसाद
संचालक.बीरेन्द्र कुमार सिंह ने किया

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