देवदीपावलीः हंसराज हंस और भजन सोपोरी की प्रस्तुति ने बांधा समा

Updated on: 30 March, 2020 07:16 PM

देवदीपावली के मौके पर राजघाट पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में पद्मश्री हंसराज हंस के सुरों का जादू ऐसा चला कि श्रोता बंध गए। धर्म व अध्यात्म की नगरी काशी में उर्दू अदब के साथ पंजाबी तड़के से उन्होंने लोगों को अपने रंग में रंग लिया। देवदीपावली की जगमगाहट के बीच पर्यटन विभाग की ओर से कार्यक्रम आयोजित हुआ। हंसराज ने प्यार नहीं है सुर से जिसको वो मूरख इन्सान नहीं.....' की प्रस्तुति से शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने 'हे गंगा मइया, तेरे दर पर तो मेरा काम था, मेरी बिगड़ी बनाना तेरा काम था....' की शानदार प्रस्तुति दी। इसी कड़ी में उन्होंने इश्क दी गली विच.., यारा सिल्ली सिल्ली.., गानों से रुमानियत भर दी। दमादम मस्त कलंदर... की प्रस्तुति पर श्रोता झूमने लगे।

वहीं, प्रसिद्ध कलाकार पद्मश्री पंडित भजन सोपोरी ने प्रस्तुति शुरू की तो गंगा की लहरों के साथ सुरों की लहर भी बहने लगी। पहले घड़ा और तबला वादन से साथियों ने समां बांधा। इसके साथ ही पंडित भजन सोपोरी ने संतूर की तान छेड़ी तो पूरी महफिल झूम उठी। देर रात तक श्रोता उनके संतूर से निकल रही धुन में डूबे रहे। पंडित भजन सोपोरी ने अलाप, जोड़, फिर छंद और इसके बाद घटम के जरिए श्रोताओं का दिल जीत लिया। कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट के गूंजता रहा।

मंदिर निर्माण में सबको सहयोग करना चाहिए
कार्यक्रम से पहले भाजपा सांसद हंसराज हंस ने कहा कि इस बार की देव दीपावली बहुत सारी खुशियां लेकर आई है। हाल ही में अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है और इसका सबने दिल से स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मंदिर, मस्जिद या चर्च जो भी बने सबको मिलकर सहयोग करना चाहिए। क्योंकि इंसानियत सबसे बड़ी चीज है। सांसद ने कहा कि पहले वह बनारस में आते थे तो बहुत ही संकरी सड़के थीं लेकिन अब सड़के चौड़ी हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी में बहुत काम कराया है और वह दिखने लगा है।

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