चकिया मे बड़े ही धूमधाम से मनाई गई मोदनसेन महाराज की जयंती

Updated on: 20 January, 2020 12:45 AM

चकिया चन्दौली श्री कान्य कुब्ज वैश्य हलवाई समाज चकिया के तत्वावधान में रविवार को नगर पंचायत चकिया स्थित गुरुद्वारा में परम पूज्य श्री मोदनसेन महाराज की जयंती बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर भव्य झांकी पूजा-अनुष्ठान में लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अजय मोदनवाल , ओमप्रकाश एडवोकेट, एवं विशिष्ट अतिथि राकेश मोदनवाल, अशोक मोदनवाल, राजकुमार मोदनवाल जी ने मोदनसेन जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। समाज के अध्यक्ष आशीष मोदनवाल ने समाज के लोगों को एकजुट रहने का संदेश दिया और कहा कि जो भी समाज का कार्य हो उसे मिलजुल कर सहयोग करे।

कोषाध्यक्ष शुभम मोदनवाल ने अपने विचार रखे और कहा कि हम लोग भगवान मोदनसेन के वंसज है ब्रह्मा जी के दो पुत्रो में एक पुत्र का नाम मोदनसेन था, दूसरे पुत्र का नाम अग्रसेन था अग्रसेन के वंसज अग्रवाल समाज के लोग है तो मोदनसेन के वंसज मोदनवाल समाज के लोग, समाज में वैसे तो इनकी संख्या बहुत है पर सब लोग अपने नाम के आगे अलग अलग सरनेम लगाते है इस समाज के लोगो का पेसा मुख्य रूप से बिजनेस होता है इस समाज के लोग अधिकतर सम्पन होते है ये लगभग भारत के सभी भागो में पाए जाते है हलवाई जाति का उत्पति (देवमानव वृक्ष) हलवाई समाज का इतिहास मनु द्वारा स्थापित वर्ण व्यवस्था से बहुत पुराना आदिकालीन है। वर्ण व्यवस्था के अनुसार चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रीय, वैश्य और शूद्र) मे से हलवाई वैश्य वर्ण अन्तर्गत पड़ता है। वैश्य तथा हलवाई समाज का इतिहास गौरवशाली है। जिसमें शिकारगंज ,नेवाज गंज ,हेतिमपुर ,साहबगंज बबुरी ,चंदौली ,सिकंदरपुर एवं पूरे जिले भर के स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे

इस दौरान राहुल मोदनवाल, जोगेन्द्र मोदनवाल ,मनीष ,राधेश्याम ,शिवकुमार ,बुल्लू, सरदार राजकुमार सिंह ,सुदामा प्रसाद ,भगवती प्रसाद, राजन मोदनवाल, बनारसी मोदनवाल ,राम लखन ,अंबुज मोदनवाल ,पंकज मोदनवाल, धीरज मोदनवाल , राजन मोदनवाल इत्यादि स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता आशीष मोदनवाल जी एवं संचालन शुभम कुमार मोदनवाल जी ने किया

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