चिन्मयानंद प्रकरण: साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद भी परीक्षा नहीं दे पाई लॉ छात्रा

Updated on: 08 December, 2019 12:18 AM

पूर्व गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली छात्रा आखिरकार तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल नहीं हो पाई। छात्रा अनुमति लेने के लिए साढ़े तीन घंटे यूनिवर्सिटी में रही। यूनिवर्सिटी ने 75 फीसदी उपस्थिति नहीं होने के चलते उसे परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी। अनुमति और प्रवेश पत्र नहीं होने के बाद भी छात्रा मंगलवार को सेमेस्टर परीक्षा देने यूनिवर्सिटी कैम्पस पहुंची। छात्रा शाहजहांपुर जिला जेल से पुलिस अभिरक्षा में आठ बजे यूनिवर्सिटी आ गई। लॉ विभाग के शिक्षकों ने उसे परीक्षा में बैठाने से मना कर दिया। एहितयातन लॉ विभाग में पुलिस के साथ ही चीफ प्राक्टर भी अपनी टीम के साथ पहुंच गए थे।

कोर्ट दे आदेश तो करा देंगे विशेष परीक्षा
छात्रा को कुलसचिव से मिलने के लिए कहा गया है। छात्रा पुलिस के साथ कुलसचिव डॉ सुनीता पांडे के आवास पहुंची तो पता चला कि वो आउट ऑफ स्टेशन हैं। इसके बाद पुलिस वालों ने अपनी गाड़ी प्रशासनिक भवन के पास लाकर खड़ी कर दी। लगभग साढ़े दस बजे कुलपति प्रो अनिल शुक्ला यूनिवर्सिटी पहुंचे। उन्होंने मीडिया को बताया कि कुलपति को उपस्थिति में सिर्फ दस फीसदी छूट देने का अधिकार है। छात्रा की उपस्थिति शून्य है। इस कारण उसे परीक्षा में शामिल नहीं कराया जा सकता है। हालांकि यदि कोर्ट बाद में परीक्षा कराने का आदेश देता है तो विशेष परीक्षा कराई जाएगी।

कक्षा की मिलनी चाहिए थी अनुमति-छात्रा
छात्रा के साथ आए पुलिस अधिकारियों ने इस दौरान परीक्षा नियंत्रक से भी संपर्क साधा। छात्रा के साथ ही पुलिस अधिकारी भी यूनिवर्सिटी से लिखित में चाह रहे थे कि उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया। परीक्षा नियंत्रक ने पत्र बनवाकर पुलिस को सौंप दिया। अनुमति नहीं मिलने पर छात्रा ने कहा कि यदि उसे पुलिस अभिरक्षा में कक्षा अटेंड करने की अनुमति दी जाती तो मेरी उपस्थिति कम नहीं होती। आगे के कदम के बारे में उसने कहा कि पापा ही इस बारे में कोई फैसला लेंगे। 11.30 बजे पुलिस छात्रा को लेकर शाहजहांपुर जिला जेल चली गई।

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