जब नासा ने मान ली थी हार तो इस भारतीय इंजीनियर ने ढूंढ निकाला Chandrayan-2 का विक्रम लैंडर

Updated on: 30 March, 2020 07:23 PM

चंद्रमा की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त हुए चंद्रयान 2 के विक्रम लैंडर को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एक उपग्रह ने सोमवार को ढूंढ निकाला है। नासा ने अपने लूनर रेकॉन्सेन्स ऑर्बिटर (एलआरओ) द्वारा ली गई एक तस्वीर जारी की है, जिसमें अंतरिक्ष यान से प्रभावित जगह दिखाई पड़ी है। बता दें कि इसे खोज निकालने में चेन्नई के एक इंजीनियर और ब्लॉगर शनमुगा सुब्रमण्यन ने मदद की है। शनमुगा सुब्रमण्यन का कहना है कि उन्होंने इसे चुनौती के रूप में लेते हुए खुद से इसकी खोज शुरू कर दी थी।

सुब्रमण्यन ने कहा कि मैंने सोचा की अगर कोई चीज इतनी मुश्किल है कि नासा भी उसको नहीं ढूंढ पा रहा तो क्यों न हम कोशिश करें। अगर विक्रम लैंडर सफलता पूर्वक लैंड हो गया होता तो मुझे नहीं लगता कि ये भारतियों पर खास प्रभाव डालता। उसके खो जाने के बाद हर जगह उसकी चर्चा होने लगी थी।

सुब्रमण्यन ने कहा कि शुरुआत में जब उन्होंने खोज शुरू की तो चेन्नई में अपने कंप्यूटर पर LRCO द्वारा जारी की गई कुछ तस्वीरों से उन्हें क्लू मिला। नासा ने इसे खोजने के श्रेय सुब्रमण्यन को देते हुए इस खोज का ऐलान किया। नासा ने एक बयान में कहा कि उसने 26 सितंबर को साइट की एक मोज़ेक इमेज जारी की थी और लोगों को लैंडर के संकेतों की खोज करने के लिए आमंत्रित किया। जिसके बाद शनमुगा सुब्रमण्यन नाम के एक व्यक्ति ने मलबे की एक सकारात्मक पहचान के साथ एलआरओ परियोजना से संपर्क किया। शानमुगा द्वारा मुख्य दुर्घटनास्थल के उत्तर-पश्चिम में लगभग 750 मीटर की दूरी पर स्थित मलबे को पहले मोज़ेक (1.3 मीटर पिक्सल, 84 डिग्री घटना कोण) में एक एकल उज्ज्वल पिक्सेल पहचान थी। नवंबर मोज़ेक सबसे अच्छा दिखाता है। मलबे के तीन सबसे बड़े टुकड़े 2x2 पिक्सेल के हैं।''

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