भारतीय सामानों को रोकना पाकिस्तान को पड़ रहा है भारी, जानें कैसे

Updated on: 12 July, 2020 11:07 PM

तनाव के बीच भारतीय सामानों को अपने यहां आने से रोकना पाकिस्तान पर भारी पड़ रहा है। भारतीय सामानों की मांग को पूरा करने के लिए अब गैरकानूनी तौर तरीके अपनाए जा रहे हैं और इनके जरिए सामान पाकिस्तान पहुंचाए जा रहे हैं।

'जंग' की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वस्तुओं को अन्य देशों के बंदरगाहों से पाकिस्तान भेजे जाने का खुलासा हुआ है। भारतीय सामानों की पैकिंग बदलकर इन्हें पाकिस्तान पहुंचाया जा रहा है। और, यह उस स्थिति में हो रहा है जब पाकिस्तान सरकार ने भारतीय सामानों पर रोक लगाई हुई है।

अखबार ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि संघीय राजस्व ब्यूरो के चेयरमैन शब्बर जैदी ने बातचीत में इसे स्वीकार किया कि भारतीय सामान लेबल बदलकर पाकिस्तान लाए जा रहे हैं और इसके लिए दूसरे देशों के बंदरगाहों को इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कई मामले पकड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सामान को चोरी-छिपे देश लाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रिश्तों में तनाव के बाद भारत ने पाकिस्तान को दिया गया तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) का दजार् वापस ले लिया था। पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के कई सामानों पर शुल्क बेहद बढ़ा दिया था। इससे व्यापार पर असर पड़ा था। इसके बाद, पांच अगस्त को भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर को दिए गए विशेष दजेर् को वापस लेने के बाद पाकिस्तान ने भारत से व्यापार को रोकने का ऐलान किया था। इससे भारत पर कोई असर नहीं पड़ा लेकिन चरमराई अर्थव्यवस्था के शिकार पाकिस्तान में स्थिति यह हुई कि वहां अब भारतीय सामान चोरी-छिपे पहुंच रहा है।

इस बीच, एक अन्य घटनाक्रम में पाकिस्तान में कैबिनेट की आर्थिक समिति ने पाकिस्तानी सेना की सिफारिश पर करतारपुर आर्थिक गलियारे की सुरक्षा के लिए पाकिस्तानी अर्ध सैनिक बल रेंजर्स की एक यूनिट के लिए 3० करोड़ पाकिस्तानी रुपये की तात्कालिक राशि मंजूर की है।

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