सुप्रीम कोर्ट नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसा की CBI या SIT से जांच कराने पर करेगा विचार

Updated on: 02 July, 2020 11:21 AM

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हीते कुछ दिनों से देश के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में पुलिस कार्रवाई ने नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन ने और भी हवा दे दी। जामिया हिंसा के मद्देनजर नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ सोमवार को भी देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। रविवार को हुए जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। बता दें कि रविवार को दिल्ली पुलिस ने हिंसक झड़प के बाद कैंपस से करीब 50 छात्रों को हिरासत में ले लिया था, जिसे बाद में छोड़ दिया गया। वहीं जामिया हिंसा मामले में करीब 60 से अधिक लोग घायल हो गए। जामिया हिंसा को देखते हुए 5 जनवरी तक यूनिवर्सिटी को बंद करने का फैसला लिया गया है। उधर, योगी सरकार ने पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी है। यूपी के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी 5 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया है। एएमयू में भी रविवार को पुलिस के साथ छात्रों की हिंसक झड़प हुई, जिसमें करीब 50 से अधिक घायल हो गए। बिहार में नागरिकता कानून के खिलाफ आगजनी और हिंसा मामले में करीब 500 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज है, वहीं बंगाल में 300 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी डीएमके ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

सुप्रीम कोर्ट संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसा की सीबीआई या अदालत की निगरानी में एसआईटी जांच की मांग वाली याचिका पर विचार करने पर सहमत हो गया है।

पश्चिम बंगाल: नागरिकता कानून पर प्रदर्शन के बीच हावड़ा में इंटरनेट सेवा आज 5 बजे तक निलंबित

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश भर के कई हिस्सों में हो रहे प्रदर्शन के बीच असम से बड़ी खबर आई है। असम के गुवाहाटी से मंगलवार की सुबह से कर्फ्यू को हटा लिया गया है। इतना ही नहीं, गुवाहाटी में ब्रॉडबैंड सेवाओं को भी फिर से शुरू कर दिया गया है। गौरतलब है कि नागरिकता कानून के खिलाफ असम में पिछले कई दिनों से जोरदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा था। एहतियातन प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया था और इंटरनेट सेवाओं को भी निलंबित कर दिया था।

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया