आखिर भारत पहुंचने से पहले क्यों राफेल विमान जाएगा संयुक्त अरब अमीरात...

Updated on: 08 April, 2020 07:50 AM

राफेल विमानों को भारत पहुंचने से पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में गर्मी के परीक्षणों से गुजरना होगा। फ्रांस ठंडी जलवायु का देश और जबकि भारत में भीषण सर्दी और गर्मी दोनों पड़ती है। राफेल विमान भारत की सर्दी आसानी से सहन कर लेंगे इसमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन गर्मी सहन कर पाएंगे या नहीं। इसका परीक्षण यूएई में किया जाएगा। यूएई में भारत से दो-तीन डिग्री ज्यादा गर्मी पड़ती है। इसलिए राफेल विमानों के लिए ये परीक्षण निर्णायक साबित होंगे।

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बातचीत हो चुकी है। यूएई में पहले से अमेरिका का एयरबेस है। अबूधाबी स्थित इस अल धाफ्रा एयरबेस में राफेल विमानों के हीट परीक्षण शुरू होंगे। संभावना है कि अप्रैल या मई में यह परीक्षण किए जाएंगे, जब वहां अधिकतम तापमान 50 डिग्री तक पहुंच जाता है।

इन परीक्षणों का मकसद यह देखना है कि कहीं ज्यादा गर्मी में इन विमानों की कार्यप्रणाली प्रभावित तो नहीं होती है। यदि इनमें किसी प्रकार की दिक्कत दिखेगी तो फ्रांस को विमानों में तकनीकी बदलाव करने पड़ सकते हैं। फ्रांस की तरफ से दिए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि विमानों के हीट परीक्षण के दौरान भारतीय वायुसेना के अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे।

परीक्षण भारतीय पक्ष की देखरेख में किये जाएंगे। चार राफेल विमानों को अगस्त तक भारत लाया जाना है। अक्तूबर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जब पेरिस गए थे तो राफेल विमान वायुसेना के सुपुर्द करने की औपचारिकता पूरी की गई थी। लेकिन विमान अभी फ्रांस में ही हैं।

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