वाराणसीः सिपाही भर्ती घोटाले में साल्वर गैंग का सदस्य और एक अभ्यर्थी गिरफ्तार, डेढ़ लाख रुपये भी बरामद

Updated on: 08 April, 2020 08:35 PM

पुलिस आरक्षी भर्ती घोटाला में कैंट पुलिस ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को दोनों को पुलिस लाइन तिराहे के पास से पकड़ा गया। इसमें एक फर्जी तरीके से परीक्षा पास कर आया अभ्यर्थी व एक दलाल है। अभ्यर्थी के पास से डेढ़ लाख रुपये नकद बरामद किया गया है। यह रुपये बायोमैट्रिक सत्यापन में फर्जी तरीके से पास होने के लिए वह देने आया था।
पकड़ा गया अभ्यर्थी बलिया के सिकंदरपुर का शंकर यादव है और साल्वर गैंग का सदस्य बिहार के सिवान का विवेक कुमार गुप्ता है। इनके पास से पैनकार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र, दो एटीएम कार्ड, तीन मोबाइल फोन, बैग से डेढ़ लाख रुपये, आरक्षी प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी भर्ती-2018 अस्थायी प्रवेशपत्र व भर्ती से सम्बन्धित प्रपत्र बरामद हुआ है।

इंस्पेक्टर अमित कुमार के मुताबिक विवेक यादव फर्जी तरीके से ऑनलाइन परीक्षा में पास कराता था। उसने शंकर यादव की परीक्षा किसी अन्य को बैठाकर पास कराई थी। यहां शंकर को बायोमेट्रिक सत्यापन कराने के लिए टीसीएस कंपनी के कर्मचारी प्रदीप कुमार भारद्वाज से मिलाने के लिए साथ आया था। इस दौरान मुखबिर की सूचना पर पकड़ा गया। शंकर के पास से डेढ़ लाख रुपये बरामद किये गये। कैंट पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया। प्रदीप पहले भी जेल जा चुका है। पूछताछ में इस गैंग में महाराजगंज में तैनात एक सिपाही अमित यादव का नाम भी सामने आया है।

सिपाही अमित के फोन पर आया था रुपये देने
पूछताछ में बिहार के सिवान के विवेक ने बताया कि सिपाही भर्ती के लिए बलिया के सिकंदरपुर थाने के लिकार गांव के सिपाही अमित यादव के साथ मिलकर चार अभ्यर्थियों को भर्ती कराने का सौदा पांच-पांच लाख रुपये में तय था। इन अभ्यर्थियों के स्थान पर बिहार के पटना में पढ़ने वाले मुन्नी, फुल्लन और राजेश को परीक्षा में बैठाया गया था। इसमें एक अभ्यर्थी शंकर यादव था, दूसरा हरिओम है। हरिओम का पता वह नहीं जानता। उसकी जानकारी अमित यादव को है। शंकर व दो अन्य अभ्यर्थियों की परीक्षा गोरखपुर में कराई गई थी, हरिओम की परीक्षा वाराणसी से कराई थी। विवेक ने बताया कि 15 दिसंबर को अमित यादव ने फोन किया। बताया कि 17 को वाराणसी पुलिस लाइन में शंकर यादव से मिलकर उसका बायोमैट्रिक सत्यापन कराना है। पुलिस लाइन में ही टीसीएस कंपनी के कर्मचारी प्रदीप कुमार भारद्वाज से मिलना है। उससे बात हो चुकी है। उसे डेढ़ लाख रुपये देना है।

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