दो करोड़ की फिरौती के लिए दिल्ली के कालोनाइजर का किया था अपहरण, हत्या की पूरी तैयारी थी, एक गिरफ्तार

Updated on: 15 July, 2020 01:44 AM

वाराणसी में चौबेपुर में एक मंदिर के तहखाने में लाइटर से हाथों में बंधी रस्सी जलाकर अपहर्ताओं की चंगुल से बच निकले दिल्ली के कालोनाइजर के मामले में बुधवार को पुलिस ने पहली गिरफ्तारी और पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस ने चौबेपुर क्षेत्र के बहादुरपुर वैरागीपुर के निवास यादव को गिरफ्तार किया है। मुख्य साजिशकर्ता गाजीपुर के खानपुर क्षेत्र के सिधौना का विजय भारती समेत पांच अन्य पर अपहरण और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर पुलिस तलाश में जुटी है। पुलिस लाइन के सभागार में बुधवार को घटनाक्रम का खुलासा करते हुए एसपी ग्रामीण एमपी सिंह ने बताया कि कालोनाइजर के लिए दो करोड़ रुपये तक की फिरौती की बात हो रही थी। यही नहीं, फिरौती की रकम लेने के बाद बिहार में दूसरे बदमाशों के हाथों कालोनाइजर को सौंप दिया जाता। फिर वो भी फिरौती मांगते या हत्या कर देते। पकड़े गए निवास ने पूछताछ में बताया कि मुख्य अपहर्ता ने कालोनाइजर के शोर मचाने पर ठोंक देने को भी कहा था।

पुलिस के मुताबिक मुगलसराय का दीपक जायसवाल दिल्ली में प्रापर्टी डीलिंग कारोबार से जुड़ा है। दिल्ली में उसका आवास पंचशील विहार मालवीय नगर में है। मुगसलराय के ही मजमूपुर पटेलनगर निवासी संतोष कुमार से इसकी दुश्मनी है। साल 2017 से एक मुकदमे में दीपक केंद्रीय कारागार में बंद था। इसी जेल में विजय भारती भी धोखाधड़ी के मामले में साल 2016 से तीन साल की सजा काट रहा था। जेल में ही दोनों के बीच जान-पहचान बनी। पहले दीपक जेल से छूटा और इसके बाद मार्च में विजय।

विजय ने जेल से छूटने के बाद संतोष कुमार से संपर्क किया। बड़े प्रापर्टी डीलर दीपक जायसवाल के अपहरण की साजिश रची गई। विजय ने खुद के पास रखे 50 किलो सोना से दिल्ली में जमीन लेने की बात कहकर दीपक को फंसाया। इसी झांसे में आया दीपक दिल्ली से विमान से बाबतपुर आया और बड़े होटल में रुका। एक योजना के तहत विजय अपने वाहन से दीपक को दिल्ली ले जाने लगा। बीच रास्ते से वापस आकर उसका अपहरण कर तहखाने में बांधकर कैद कर दिया। पुलिस ने संतोष कुमार, चंदौली के बबुरी थाने के बंसत, सरदार यादव और सर्वेश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सरदार और सर्वेस का पता अज्ञात है। तहखाने में बंद कालोनाइजर की निगरानी में सरदार भी लगा था। बाकी दो अन्य अपहरण में शामिल थे। निवास के पास से एक .32 बोर का पिस्टल, 9 कारतूस, दो खोखा, तीन मैगजीन, मोबाइल, एक कार बरामद की गई है।

पुलिस का दावा, 112 नंबर पर सूचना के आधे घंटे में बचाया
एसपी ग्रामीण एमपी सिंह और सीओ पिंडरा अनिल राय ने बताया कि 112 नंबर पर सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए कालोनाइजर का पता लगाया गया। चूंकि कालोनाइजर ने खुद के आजमगढ़ रोड पर होने की सूचना दी लेकिन जिस नंबर से उसने सूचना दी, उसे सर्विलांस पर लगाया गया तो सही पता मिल सका। आधे घंटे में उसे ढूंढ निकाला गया। बताया कि जब मंदिर परिसर में तहखाने के पास पहुंची तो निवास ने दो राउंड फायरिंग की। निवास के मुताबिक पिस्टल विजय भारती ने कालोनाइजर की निगरानी के लिए दी थी। सीओ पिंडरा ने बताया कि विजय भारती के दो करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। कालोनाजर को मुक्त कराने वाली टीम में चौबेपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार, चोलापुर थानाध्यक्ष हरिनरायण पटेल, एसआई रामशरीख गौतम, हर्ष कुमार भदौरिया समेत अन्य थे।

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