CAA लागू करने में बदलाव के लिए सुझाव लेने को तैयार है सरकार'

Updated on: 02 July, 2020 12:32 PM

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने सोमवार (23 दिसंबर) को कहा कि एनआरसी केवल असम के लिए है, समूचे देश के लिए नहीं और उन्होंने संकेत दिया कि अगर दिक्कतें आती हैं तो नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू करने में प्रभावी बदलाव के बारे में सुझावों के लिए सरकार तैयार है।

आठवले ने कहा, ''एनआरसी केवल असम के लिए है, यह पूरे भारत के लिए नहीं है। अब भारत सरकार ने भी कहा है कि इस संबंध में कहीं से भी, किसी भी सुझाव के बारे में उनको अवगत कराया जा सकता है...। उन्होंने कहा कि मेरी पार्टी भी एनआरसी और सीएए का समर्थन करती है। लेकिन, अगर कहीं कोई समस्या है तो निश्चित तौर पर भारत सरकार को इस कानून में कुछ चीजों में संशोधित करने के बारे में सोचना चाहिए।

राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के मुद्दे पर, खासतौर से मुस्लिम समुदाय के लोगों की आशंकाओं को दूर करने की कोशिश करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (22 दिसंबर) को दिल्ली में एक रैली में कहा था कि उनकी सरकार ने 2014 में पहली बार सत्ता में आने के बाद से कभी इस पर चर्चा नहीं की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विवादास्पद मुद्दे (एनआरसी) पर न तो उनकी सरकार ने, ना ही कैबिनेट या संसद ने चर्चा की है।

वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिल्ली की रैली में टिप्पणी के बाद संभावना जताई जा रही है कि सरकार एनआरसी को ठंडे बस्ते में डाल सकती है। विवादास्पद मुद्दे के खिलाफ हो रहे व्यापक प्रदर्शन से सरकार अपने कदम पीछे खींच सकती है।

पीएम मोदी ने रविवार (22 दिसंबर) को दिल्ली में एक रैली में कहा था एनआरसी और संशोधित नागरिकता कानून अलग-अलग मामले हैं। हमारी सरकार ने एनआरसी पर चर्चा नहीं की है। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जोर देकर कहा है कि एनआरसी पूरे देश में लागू किया जाएगा।

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