काशी के ख्यातिलब्ध चित्रकार बैजनाथ वर्मा का निधन

Updated on: 08 July, 2020 04:26 PM

काशी की चित्रकला परंपरा के विशिष्ट स्तंभ व ख्यातिलब्ध चित्रकार बैजनाथ वर्मा नहीं रहे। 90 वर्षीय वर्मा ने मंगलवार की भोर में अपने गायघाट स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। कुछ दिनों पूर्व ही नागरी प्रचारिणी सभा ने उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उनका नागरिक अभिनंदन किया था।
चित्रकार पंडित केदारनाथ शर्मा के शिष्य बैजनाथ वर्मा ने अपने चित्रो के माध्यम से हिन्दी साहित्य की महती सेवा की। सभा के विश्व कोश, मानस चतुश्शती सहित सैकड़ों ग्रंथों के लिए चित्रों का निर्माण किया। उनके बनाए गए बाबू विष्णु राव पराडकर के चित्र को भारत सरकार ने डाक टिकट के रूप मे जारी किया। उनकी तूलिका से बने चित्रों में कामायनी विश्वकोश के साथ ही नागरी प्रचारिणी सभा तथा काशी पत्रकार संघ भवन मे लगे अनेक साहित्यकारों व पत्रकारों के तैलचित्र उल्लेखनीय हैं। अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रिय चित्र प्रदर्शनियों में उनके चित्रो को सराहा व पुरस्कृत किया गया। मैसूर पैलेस व जापान के याकाहोवा कला दीर्घा में उनके चित्रों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति से विभूषित किया। चित्रकार वर्मा का जन्म गाजीपुर जिले के कानपुर गांव में हरा था किंतु चित्रकला की साधना करते हुए काशी के होकर ही रह गए।
वर्मा के निधन पर साहित्यकार जितेन्द्र नाथ मिश्र, रामअवतार पांडेय, हिमांशु उपाध्याय,डॉ रामसुधार सिंह,ओम धीरज सहित अनेक रचनाकारों ने शोक व्यक्त किया है।
नागरी प्रचारिणी सभा ने कल 8 जनवरी की शाम 4 बजे श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया है।

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