प्रशासन का यूटर्नः काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए धोती-कुर्ता-साड़ी अनिवार्य नहीं

Updated on: 05 April, 2020 09:06 AM

काशी विश्वनाथ मंदिर में धोती और साड़ी पहनकर ही शिवलिंग के स्पर्श के मामले पर प्रशासन ने यूटर्न ले लिया है। धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने ट्वीट कर स्पष्ट किया कि काशी विश्वनाथ मंदिर में शिवलिंग स्पर्श से पहले पुरुषों के लिए धोती और महिलाओं के लिए साड़ी पहनने का काशी विद्वत परिषद की ओर से केवल सुझाव आया था। मंदिर प्रशासन ने इस पर फैसला नहीं लिया है। मंडलायुक्त की मानें तो संतों और जनता की राय लेने के बाद ही प्रस्ताव पर विचार होगा।

रविवार को धर्मार्थ कार्य विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. नीलकंठ तिवारी की अध्यक्षता में काशी विद्वत परिषद और मंदिर प्रशासन के अधिकारियों की कमिश्नरी सभागार में बैठक हुई थी। बैठक के बाद प्रशासन की ओर से बताया गया कि विद्वत परिषद की ओर से शिवलिंग स्पर्श के लिए पुरुषों को धोती और महिलाओं को साड़ी पहनने का सुझाव दिया गया है। जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।

सोमवार को मीडिया में खबर प्रकाशित होने और दिल्ली में बहस शुरू होने के बाद जिला व मंदिर प्रशासन ने यू-टर्न लिया। अधिकारियों ने बयान जारी कि यह केवल सुझाव था। इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ। राज्यमंत्री ने भी ट्वीट कर जानकारी को स्पष्ट किया। वहीं, मंडलायुक्त और मंदिर प्रशासन के अधिकारियों की ओर से बयान जारी किया गया कि अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।

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