कश्मीर के मौजूदा हालात मानवाधिकारों का उल्लंघन: अमेरिकी महिला सांसद

Updated on: 08 April, 2020 08:29 AM

अमेरिका की महिला सांसद डेबी डिंगल ने कहा है कि कश्मीर के हालात मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं। अमेरिका की महिला सांसद डेबी डिंगल ने नवगठित केन्द्र शासित क्षेत्र में नजरबंद लोगों को छोड़ने और संचार सेवाओं पर लगी पाबंदियों को हटाने की अपील करने वाले प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि कश्मीर के हालत मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं। भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने प्रतिनिधिसभा में इस संबंध में प्रस्ताव नंबर 745 पिछले साल पेश किया गया था। इसे कुल 36 लोगों का समर्थन हासिल है। इनमें से दो रिपब्लिकन और 34 विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य हैं।

डेबी डिंगल ने सोमवार रात ट्वीट किया, 'कश्मीर की मौजूदा स्थिति मानवाधिकार का उल्लंघन है। अन्यायपूर्ण तरीके से हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया है और लाखों लोगों की पहुंच इंटरनेट और टेलीफोन तक नहीं है।' उन्होंने कहा, 'इसलिए मैंने प्रस्ताव 745 पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि अमेरिका विश्व को बता सके कि हम इन उल्लंघनों को होता नहीं देखेंगे।' डिंगल मिशिगन का प्रतिनिधित्व करती हैं। यह प्रस्ताव अभी आवश्यक कार्रवाई के लिए 'हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के पास है।

इस बीच, सांसद ब्रैड शेरमन ने कहा कि वह भारत में अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर की जम्मू-कश्मीर की हालिया यात्रा पर उनकी रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहे हैं। शेरमन ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि रिपोर्ट के जरिए यह स्पष्ट होगा कि राजदूत ने क्या प्रतिबंध देखें विशेष रूप से, राजदूत हिरासत में लिए लोगों से मिल पाए या नहीं।'

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद जस्टर समेत 15 देशों के राजनयिक मौजूदा स्थिति का मुआयना करने को श्रीनगर गए थे। बता दें कि सरकार ने जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांट दिया है, जिसके बाद कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेश बनकर उभरे हैं।

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