यूपी पुलिस भर्ती PET में दौड़ लगा रहे दारोगा की खुली पोल

Updated on: 14 July, 2020 01:32 AM

15वीं पीएसी बटालियन में चल रही पुलिस भर्ती की शारीरिक दक्षता प्रक्रिया में गुरुवार को ट्रेनी दरोगा अपने चचेरे भाई के स्थान पर दौड़ लगा रहा था। दौड़ खत्म होने के बाद किसी बात पर दरोगा का सिपाही से विवाद हो गया। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ। ट्रेनी दरोगा और मूल अभ्यर्थी को जेल भेजा गया है।

एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि थाना ताजगंज पुलिस ने सीतापुर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पर ट्रेनिंग कर रहे दरोगा जितेंद्र कुमार पुत्र विजेंद्र कुमार निवासी जवां जहांगीरपुर (बुलंदशहर) को गिरफ्तार किया है। दरोगा अपने चचेरे भाई राजेश पुत्र रविंद्र के स्थान पर दौड़ लगा रहा था। मैदान में अभ्यर्थियों की दौड़ और अन्य शारीरिक दक्षता प्रक्रिया चल रही है। गुरुवार को राजेश की दौड़ होनी थी। उसके स्थान पर उसका चचेरे भाई दरोगा दौड़ लगा रहा था। दरोगा ने दौड़ भी पूरी कर ली। इसके बाद खड़ा था। तभी किसी बात पर वहां तैनात सिपाही से उसका विवाद हो गया। जब विवाद ज्यादा बढ़ा तो थाना ताजगंज प्रभारी अनुज कुमार पहुंचे। प्रभारी ने आरोपित से जब सख्ती से पूछताछ की तो पता चला कि वह वर्ष 2016 बैच का दरोगा है। वर्तमान में सीतापुर में ट्रेनिंग कर रहा है। छुट्टी लेकर अपने भाई के स्थान पर दौड़ लगा रहा था। पुलिस ने मूल अभ्यर्थी राजेश और दरोगा जितेंद्र को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है।




भर्तियों में हर दर्जे की सेंधमारी की कोशिश
प्रदेश या केंद्रीय स्तर की भर्तियों पर जालसाजों का साया है। पूर्व में पुलिस लाइन स्थित नई बैरक में चल रही पुलिस की भर्ती प्रक्रिया में भी पुलिस और क्राइम ब्रांच ने करीब 38 लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। इनमें कई लोग टीसीएस कंपनी के भी थे। इसके अलावा कुछ दिन पहले हुई टीईटी की परीक्षा में भी सात मुन्नाभाई और दलालों को गिरफ्तार किया था। गैंग के लोग गरीब मेधावी छात्रों को पैसों का लालच देकर मुन्नाभाई बनाते थे।

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