आजमगढ़ में लगातार दूसरे दिन तिरंगा के साथ सड़क पर उतरीं सैकड़ों महिलाएं

Updated on: 08 April, 2020 09:24 PM

आजमगढ़ में लगातार दूसरे दिन बुधवार को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। नागरिकता सशोधन कानून के साथ ही एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ मुबारकपुर में हैदराबाद के कपूर शाह दीवान का बाग में महिलाओं ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। संविधान बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले छात्राओं व महिलाओं ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर को सौंपा। इससे पहले मंगलवार को कर्बला में विरोध प्रदर्शन हुआ था।

बुधवार की सुबह मुबारकपुर नगर में सीएए एनसीआर को लेकर सुबह से ही विभिन्न गलियों से होकर छात्राएं और महिलाएं धरनास्थल पहुंचती रहीं। धरनास्थल पर महिलाओं ने अपने एक हाथ मे तिरंगा तो दूसरे हाथ में संविधान बचाओ नारे लिखी तख्तियां ले रखी थीं। विरोध प्रदर्शन में सरकार के खिलाफ महिलाओं का आक्रोश साफ झलक रहा था।


बड़ी संख्या में जुटी महिलाओं ने आजादी के नारे लगाते हुए अपने मूल अधिकार के लिए लड़ाई जारी रखने की बात कही। सीएए को लेकर देश मे चल रहे विरोध प्रर्दशन का हवाला देते हुए इन महिलाओं का कहना था कि सरकार अपनी दमनकारी नीतियों के बल पर विरोध प्रदर्शन करने वालों को फर्जी मुकदमे में फंसा रही है।

सुबह 11 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में काला कानून वापस लो वापस लो, हिन्दू मुस्लिम सिक्ख इसाई सब है आपस मे भाई भाई आदि नारो से बाग गूंजता रहा। दोपहर 3 बजे तक यह प्रदर्शन व नारेबाजी चलती रही। अन्त मे संघर्ष समिति ने उपजिलाधिकारी अधिकारी सदर आशा राम को पांच सूत्रीय ज्ञापन देकर राष्ट्रपति से मांगों पर विचार कर कार्यवाही करने की अपील की।

इस प्रदर्शन में खास ये रहा कि इसमें महिलाएं ही मोर्चा संभाले रहीं। लड़कों को बाग के बाहर ही रहने को कहा गया। देर तक वह बाहर से ही नारेबाजी करते रहे। अंत में कुरान शरीफ की आयतें पढ़ते हुए महिलाओं ने ऊपर वाले से सरकार को उखाड़ने की दुआ मांगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अंत में अंदर आने दिया गया। बड़ी संख्या में महिला प्रदर्शनकारियों की उपस्थिति पर उपजिलाधिकारी व एसपी सीटी पंकज पाण्डेय, सीओ सदर अकमल खांन और कई थानों की फोर्स मौजूद रही।

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