दिल्ली चुनाव में वोटों की गिनती जारी, इन 10 सीटों के नतीजों पर होगी सबकी नजर

Updated on: 08 April, 2020 07:15 AM

दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों के लिए मतगणना शुरू हो गई है। इस चुनाव में कुल 672 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर लगी है। इस बार मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच है। मतदान 8 फरवरी को हुए थे।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लगातार तीसरी बार नई दिल्ली से किस्मत आजमा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी लगातार तीसरी बार पटपड़गज सीट से चुनाव मैदान में हैं। मतगणना के शुरुआती रुझानों में आम आदमी पार्टी का आंकड़ा फिलहाल 50 पार दिख रहा है। वहीं बीजेपी 15 सीटें पाने के करीब है।

गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा के लिए इस बार कुल 672 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसमें 593 पुरुष और 79 महिला उम्मीदवार हैं। इस चुनाव में कुल 62.59 फीसदी वोटिंग हुई। जो साल 2015 में हुए विधानसभा चुनाव के 67.49 फीसदी की तुलना में करीब पांच प्रतिशत कम है।

एक्जिट पोल में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) की जीत का अनुमान व्यक्त किए जाने और चुनाव आयोग द्वारा मतदान प्रतिशत की घोषणा में देरी होने के बाद से विधानसभा चुनाव के नतीजे को लेकर लोगों के बीच जिज्ञासा बहुत बढ़ गई है।

बता दें कि एग्जिट पोल के बाद बीजेपी ने इन भविष्यवाणियों को खारिज करते हुए दावा किया है कि 48 सीटों पर उसे जीत मिलेगी। पार्टी का दावा है कि अंतिम घंटों में हुई बंपर वोटिंग उसके पक्ष में हुई है और ऐसा करने वाले लोग एग्जिट पोल के सैंपल में शामिल नहीं हो पाए हैं। इन दावों और प्रति-दावों के बीच सबकी निगाहें मतगणना पर टिक गई हैं। वैसे तो हर सीट महत्वपूर्ण हैं लेकिन करीब 10 सीटें ऐसी हैं, जो दिग्गज उम्मीदवारों की वजह से प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गए हैं। आइए नजर डालते हैं कौन-कौन सी सीटें इस लिस्ट में शामिल हैं..

1. नई दिल्ली विधानसभा सीट: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल यहां से खुद मैदान में हैं और शुरुआती रुझानों में आगे चल रहे हैं। बीजेपी ने उनके खिलाफ सुनील यादव और कांग्रेस ने रोमेश सभरवाल को मैदान में उतारा है। अरविंद केजरीवाल अतीत में इस सीट पर मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित को हरा चुके हैं। इस बार भी उनकी जीत पक्की मानी जा रही है लेकिन सुनील यादव ने यह घोषणा करके सनसनी पैदा कर दी है कि अगर उन्होंने अरविंद केजरीवाल को नहीं हराया तो चुनावी राजनीति छोड़ देंगे।

2. पटपड़गंज विधानसभा सीट: उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया इस सीट से आगे चल रहे हैं। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का क्षेत्र होने की वजह से पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र भी हाई प्रोफाइल सीट हो गई है। 2013 और 2015 में मनीष सिसोदिया यहां से जीत का परचम लहरा चुके हैं। बीजेपी और कांग्रेस दोनों के ही उम्मीदवार यहां सिसोदिया की तुलना में कमजोर माने जा रहे हैं।

3. मॉडल टाउन विधानसभा सीट: इस सीट से बीजेपी के कपिल मिश्रा पीछे चल रहे हैं। 'आप' से नाता तोड़कर बीजेपी में आए कपिल मिश्रा ने मॉडल टाउन की लड़ाई को काफी रोचक बना दिया है। आप से मौजूदा विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी फिर मैदान में है। कपिल मिश्रा पर बाहरी होने का आरोप लग रहा था लेकिन जिस तरह से उन्होंने प्रचार अभियान चलाया है उसके बाद टक्कर कांटे की हो गई है।

4.रोहिणी विधानसभा सीट: पिछली बार बीजेपी को जो तीन सीटें मिल थीं, उनमें से एक रोहिणी भी थी। विजेंद्र गुप्ता ने 5367 वोटों से जीत हासिल की थी। शहरी आबादी और मिडिल क्लास का बड़ा वोटर होने का वजह से यह सीट बीजेपी के लिए मुफीद मानी जाती है लेकिन इस बार आप ने भी यहां अपार्टमेंट्स में काफी जोरदार प्रचार किया है यानी बीजेपी के वोटों में सेंध लगाने की कोशिश की है।

5.चांदनी चौक विधानसभा सीट: इस सीट पर काग्रेस की अलका लांबा पीछे चल रही हैं। पुरानी दिल्ली की इस सीट पर उम्मीदवारों की अदला-बदली हो गई है। पिछली बार आप के टिकट पर जीतने वालीं अलका लांबा इस बार कांग्रेस की उम्मीदवार हैं और कांग्रेस के पुराने नेता रहे प्रहलाद सिंह साहनी आप पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। बीजेपी ने सुमन कुमार गुप्ता को टिकट दिया है।

6. हरि नगर विधानसभा सीट: इस सीट से बीजेपी के तजिंदर पाल सिंह बग्गा पीछे चल रहे हैं। पश्चिमी दिल्ली की पंजाबी बहुल हरि नगर सीट से पिछली बार 'आप' के जगदीप सिंह ने जीत हासिल की थी। हालांकि, इस बार आप ने जगदीप सिंह का पत्ता काटकर कांग्रेस से आईं राजकुमारी ढिल्लन को उम्मीदवार बना दिया। बीजेपी ने तेजिंदर पाल बग्गा को टिकट दिया है। बग्गा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। ऐसे में इस सीट पर भी सबकी निगाहें होंगी।

7. विश्वास नगर विधानसभा सीट: विश्वास नगर दूसरी ऐसी सीट है जिस पर बीजेपी को 2015 के चुनाव में जीत मिली थी। ओपी शर्मा ने 10 हजार वोटों से जीत हासिल की थी। इस बार आप ने दीपक सिंघला को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने नसीब सिंह की जगह गुरचरण सिंह राजू को टिकट दिया है।

8. मुस्तफाबाद विधानसभा सीट: कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन की वजह से इस सीट पर भी बीजेपी को 2015 के विधानसभा चुनाव में जीत मिली थी। कांग्रेस इस सीट पर दूसरे नंबर पर रही थी और आप तीसरे पर। इस बार 'आप' की ओर से मैदान में हाजी यूनुस और कांग्रेस से अली मेहंदी हैं।

9. द्वारका विधानसभा सीट: यह भी एक ऐसी सीट है जहां से आप ने अपने मौजूदा विधायक का टिकट काटकर कांग्रेस से आए शख्स को उम्मीदवार बनाया है। आप ने कांग्रेस के पूर्व सांसद महाबल मिश्रा के बेटे विनय मिश्रा को टिकट दे दिया, जबकि मौजूदा विधायक आदर्श शास्त्री टिकट कटने के बाद कांग्रेस से उतरे हैं। बीजेपी के पूर्व विधायक प्रद्युमन राजपूत मैदान में हैं।

10. शकूरबस्ती विधानसभा सीट: दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन पिछली बार इस सीट पर काफी मुश्किल से जीते थे। इस बार सत्येंद्र जैन का मुकाबला बीजेपी के एस. सी. वत्स और कांग्रेस के देवराज अरोड़ा से है।

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