वाराणसी में बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़, एक लाख का इनामी कुख्यात राजेश दुबे उर्फ टुन्ना मारा गया

Updated on: 02 July, 2020 09:41 PM

वाराणसी में मंगलवार की शाम एसटीएफ से मुठभेड़ में एक लाख का इनामी शातिर बदमाश राजेश दुबे उर्फ टुन्ना मारा गया। सारनाथ के सिंहपुर रोड पर सटीक मुखबिरी के बाद एसटीएफ ने बदमाशों की घेरेबंदी की थी। इस दौरान दोनों तरफ से हुई फायरिंग में एसटीएफ का जवान भी गोली लगने से घायल हो गया। गाजीपुर के नंदगंज के अलीनगर निवासी राजेश अपने एक साथी के साथ आया था। मुठभेड़ के दौरान उसका साथी बाइक लेकर फरार हो गया। घायल जवान को मलदहिया स्थित सिंह मेडिकल में भर्ती कराया गया है। आईजी रेंज विजय सिंह मीणा और एसएससी प्रभाकर चौधरी भी पहले मौके पर फिर अस्पताल पहुंचे। जवान विनोद यादव की पसली में बाएं तरफ गोली लगी है।

मंगलवार की शाम एसटीएफ को राजेश दुबे के आने की सूचना मिली थी। इसी के बाद रिंगरोड के निकट सिंहपुर रोड पर घेराबंदी की गई थी। खुद को घिरता देख टुन्ना ने फायरिंग शुरू की। पहली गोली जवान विनोद यादव को लगी। इसके बाद बाइक मोड़कर बदमाश भागने लगा। हड़बड़ी में बाइक गिर गई। इससे टुन्ना गिर गया और बाइक लेकर दूसरा बदमाश फरार हो गया। गिरने के बाद टुन्ना ने कारबाइन और पिस्टल से एसटीएफ पर फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी लगी। जवाबी कारवाई में टुन्ना मारा गया। उसे तीन गोली लगी है। टुन्ना ने करीब 15 गोलियां चलाईं। मौके से 50 कारतूस मिले हैं।

चंदौली और गाजीपुर में कई हत्याओं और लूट में उसकी तलाश थी। 2012 में निर्माण निगम गोलीकांड से वह चर्चा में आया था। उस समय 25 हजार का इनाम घोषित हुआ था। 30 अगस्त 2017 को गाजीपुर में गैंगस्टर कोर्ट में पेशी के बाद हवालात से फरार हो गया था।

पत्रकार राजेश मिश्रा हत्याकांड में राजेश दुबे के साथ राजू यादव भी नामजद हुआ था। उसी के बाद दोनों पर एक-एक लाख का इनाम घोषित हुआ था। राजू यादव ने पिछले दिनों बलिया में एक दूसरे मामले में पेश होकर जेल चला गया। बाद में उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया और इस समय गाजीपुर जिला जेल में बंद है।

वाराणसी में लगभग 5 साल बाद मुठभेड़ में कोई बदमाश मारा गया है। इससे पहले 29 जुलाई 2015 को कुख्यात बदमाश सनी सिंह को वाराणसी एफटीएफ ने कबीरचौरा अस्पताल के पास मुठभेड़ में ढेर किया था। इससे पहले कुख्यात बदमाश हेमंत मौर्य को 7 मार्च 2014 को भेलुपुर पुलिस ने कमच्छा शराब ठेके के पास ढेर किया था। 5 जून 2010 को उस समय अपराधियो के काल के रूप में विख्यात गिरजाशंकर त्रिपाठी (तत्कालीन एसओजी प्रभारी) की टीम के साथ हुई मुठभेड़ में डेढ़ लाख का इनामी संतोष गुप्ता उर्फ किट्टू अपने एक साथी के साथ तेलियाबाग-चौकाघाट मार्ग पर हुई मुठभेड़ में मारा गया था।

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