भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध से भयावह खाद्यान्न संकट होगा-रिपोर्ट

Updated on: 01 April, 2020 01:30 PM

भारत और पाकिस्तान के बीच सीमित परमाणु युद्ध से आधुनिक इतिहास में वैश्विक स्तर पर सबसे भयावह खाद्यान्न संकट पैदा हो सकता है। अपनी तरह के एक पहले अध्ययन में ऐसा कहा गया है।

पत्रिका पीएनएएस में प्रकाशित इस अध्ययन में सामने आया कि वैश्विक परमाणु आयुधों के एक फीसदी से भी कम ऐसे हथियारों के उपयोग वाले युद्ध के बाद वैश्विक स्तर पर तापमान में गिरावट और वर्षा एवं सूर्य की रोशनी में कमी से दुनियाभर में खाद्यान्न उत्पादन एवं व्यापार करीब एक दशक के लिए बाधित हो सकते हैं।

अमेरिका के रटजर्स यूनिवर्सिटी-न्यू ब्रून्सविक के शोधकर्ताओं का कहना है कि इसका असर 21 वीं सदी के आखिर तक मानवजनित जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से कहीं ज्यादा होगा। उनका मानना है कि वैसे तो कृषि उत्पादकता पर वैश्विक तापमान में वृद्धि का व्यापक रूप से अध्ययन किया गया है, लेकिन तापमान में अचानक गिरावट के वैश्विक फसल वृद्धि पर प्रभाव की नहीं के बराबर समझ है।

युद्ध क्षेत्र से बाहर ज्यादा लोग भूख से मरेंगे
इस अध्ययन के सह लेखक और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अलान रॉबोक ने कहा कि हमारे नतीजे से इस वजह को बल मिलता है कि परमाणु हथियारों का अवश्य ही सफाया किया जाना चाहिए क्योंकि यदि वे बने रहे तो उनका इस्तेमाल किया जा सकता और दुनिया के लिए इसके परिणाम त्रासद हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों का और भयावह एवं सीधा असर यह होगा कि युद्ध क्षेत्र से बाहर ज्यादा लोग भूख से मरेंगे।

तत्काल 10 करोड़ लोगों की जान जाएगी
पत्रिका 'साइंस एडवांसेज) में हाल ही में प्रकाशित रॉबोक के एक अध्यनन में अनुमान व्यक्त किया गया है कि यदि भारत और पाकिस्तान परमाणु युद्ध करते हैं तो तत्काल 10 करोड़ लोगों की जान जाएगी और उसके बाद दुनियाभर में भुखमरी पैदा होगी।

पांच साल के लिए धरती का तापमान 1.8 डिग्री घटेगा
इस नवीनतम अध्ययन में वैज्ञानिकों ने माना कि यदि महज 100 परमाणु हथियार भी इस्तेमाल किए गए तो उसके फलस्वरूप ऊपरी वायुमंडल में 50 लाख टन काला धुंआ पैदा होगा और कम से कम पांच साल के लिए धरती का तापमान 1.8 डिग्री घट जाएगा, वर्षा में आठ फीसद गिरावट आएगी और सूर्य की रोशनी भी कम हो जाएगी।

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया