श्री राम कथा का हुआ समापन

Updated on: 15 July, 2020 12:01 AM

रामचरित मानस की कथा अति पावन व मोक्ष दायनी है-श्री आचार्य तुलसी किंकर जी
मिर्ज़ापुर/जमालपुर विकास खंड क्षेत्र के ग्राम सभा कुण्डाडिह में आयोजित हो रहे। सात दिवसीय श्री राम कथा विश्राम दिवस के अवसर पर कथा वाचक ने रामचरित मानस के महत्व और उद्देश्य के बारे में बताया। कथा के दौरान सैकड़ों श्रोताओं ने जय श्री उद्वघोष करते रहे। सप्तद्विवसीय श्री राम कथा में कथा वाचक श्री आचार्य तुलसी किंकर जी महाराज ने श्रोताओं को बताया की रामचरित मानस की कथा अति पावन व मोक्ष दायनी है। इस कथा को पवित्र हृदय से धारण कर समाज में फैली कुरितियों को दूर किया जा सकता है। श्री राम की कथा में मानव जीवन के जीने की सूत्रधार है। राम नाम से मानव जीवन कल्याण होता है। जीवन में मनुष्य को सकारात्मक भाव रख कर जीवन के प्रत्येक कार्य को करना चाहिए। मनुष्य को ज्ञान भक्ति पाने के लिए वैराग्य जप तप सुमिरन भजन ध्यान और योग्य की आवश्यकता होती है। मनुष्य पर कर्म के अनुसार कृपा होती है। राम बनने के बाद ही रामराज्य की कल्पना सम्पूर्ण होती हैं। कथा समिति द्वारा श्री राम कथा में आये हुए।सभी कथाप्रेमियों का आभार प्रकट किया। इस मौके पर जितेंद्र कुमार गुप्ता, संदीप मिश्रा, मुरली, मनोज गुप्ता, जगत नरायन सिंह, अशोक गुप्ता (पूर्व वीडीसी)रविशंकर उपाध्याय, उमेशचंद गोड़, आदि तमाम लोग उपस्थित रहे।

रिपोर्ट-जितेंद्र गुप्ता

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