भीषण हादसा: मुंबई से वाराणसी टैंकर से लौट रहे चार मजदूर नागपुर में जिंदा जले

Updated on: 04 June, 2020 02:40 AM

मुंबई से लौटते समय वाराणसी के चार मजदूर हादसे का शिकार हो गए। भीषण दुर्घटना में चारों जिंदा जलकर मर गए। कपसेठी बाजार, मधुमखिया और तिलवार गांव के मजदूरों के मरने की खबर जैसे ही यहां पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। चारों लॉकडाउन के बीच पेट्रोलियम टैंकर पर सवार होकर आ रहे थे। नागपुर के भूरिया नामक स्थान पर बस से टक्कर के बाद पलटे टैंकर में आग लग गई।

कपसेठी थाना के स्थानीय बाजार निवासी प्रदीप कुमार (22), मधुमखिया निवासी राहुल उर्फ अखिलेश राम (18) पुत्र संतोष राम, तिलवार निवासी कृपा शंकर राम (45) पुत्र छोटेलाल व हरेन्द्र राम (50) पुत्र बनारसी घाटकोपर मुंबई में रहकर मजदूरी करते थे। 17 मई को टैंकर पर बैठकर वाराणसी के लिए निकले थे।

रास्ते में नागपुर के पास भूरिया नामक स्थान पर टैंकर एक बस से टकरा कर नाले में पलट गई, जिससे उसमें आग लग गई और आग के चपेट में आकर प्रदीप, अखिलेश, कृपा शंकर, हरेंद्र की जलने से मौत हो गई। बुधवार शाम परिजनों को जानकारी हुई तो सभी के घर में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि चारों मृतक के परिवारीजन आपस में रिश्तेदार हैं।

पिता संग ट्रेन का टिकट था, जल्दबाजी में राहुल निकला टैंकर से
मधुमखिया निवासी राहुल उर्फ अखिलेश की शादी नहीं हुई थी। वह तीन भाई बहनों में सबसे बड़ा था। उसका छोटा भाई और बहन तीन दिन पहले ही मुंबई से लौटे थे। जबकि उसका और उसके पिता संतोष का ट्रेन का टिकट बुधवार का था। जल्दबाजी में राहुल पिता की बजाय रिश्तेदारों के साथ टैंकर से ही निकल पड़ा और काल के गाल में समा गया। पिता मुंबई में ऑटो चलाते थे।

प्रदीप का परिवार मुंबई में रहता था
कपसेठी निवासी प्रदीप चार भाई था। वह अविवाहित था। उसके पिता बलिराम और मां उषा देवी हैं। पूरा परिवार चार साल से मुंबई में रहता था। तिलवार निवासी हरेंद्र चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसके साथ उसका बड़ा भाई और परिवार भी साथ में ही रहता है। तीसरे मृतक कृपाशंकर को एक पुत्र है, जिसका नाम प्रशांत है,पत्नी का नाम मर्यादी देवी है।

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