भारत और पश्चिमी देशों में तबाही के लिए चीन की नई साजिश, पाकिस्तानी सेना के साथ जैविक हथियारों की गोपनीय डील

Updated on: 12 August, 2020 12:13 PM

आतंकवाद को पाल-पोसकर दुनिया में खूनी खेल खेलने वाले पाकिस्तान और कोरोना वायरस फैलाकर पूरी दुनिया में तबाही के लिए जिम्मेदार ठहराए जा रहे चीन ने अब साथ मिलकर भारत और पश्चिमी देशों में बर्बादी का प्लान तैयार किया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने पाकिस्तान की सेना के साथ जैविक हथियारों को लेकर गोपनीय डील की है। क्लाक्सोन ने कई इंटेलिजेंस एजेंसियों के हवाले से बताया है कि जैविक युद्ध क्षमता विस्तार में घातक संक्रामक एजेंट एंथरेक्स सहित कई रिसर्च प्रॉजेक्ट को शामिल किया गया है।

यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है जब दुनिया में चीन से निकला कोरोना वायरस तबाही मचा रहा है। लाखों लोग मारे जा चुके हैं। अटकलें लगाई जा रही हैं कि कि यह वायरस वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से निकला है।

एंथनी क्लान की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी लैब ने पाकिस्तान सेना की डिफेंस साइसेंज एंड टेक्नॉलजी ऑर्गनाइजेशन (DESTO) के साथ गोपनीय डील की है। दोनों देशों ने संक्रामक रोगों और संक्रामक बीमारियों के बायोलॉजिकल कंट्रोल को लेकर रिसर्च के लिए समझौता किया है।

इंटेलिजेंस सूत्रों के हवाले से क्लाक्सोन ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ चीन के इस गोपनीय समझौते से चिंता बढ़ गई है। चीन कोरोना वायरस के मुद्दे पर वैश्विक रूप से घिरने से सबक लेते हुए अपनी सीमा से बाहर जैविक हथियारों पर टेस्टिंग करना चाहता है।

कुख्यात वुहान लैब ने इस प्रॉजेक्ट के लिए सभी वित्तीय, संसाधन और साइंटफिक सपोर्ट दिया है। प्रॉजेक्ट का सारा खर्च चीन ने उठाया है। इंटेलिजेंस एजेंसियों के वरिष्ठ सूत्रों ने कहा है कि गोपनीय जैविक हथियार को लेकर प्रॉजेक्ट के तहत एंथरेक्स के दोहरे इस्तेमाल को लेकर रिसर्च को अंजाम दिया जाएगा।

एक सूत्र ने कहा कि यह समझौता बताए गए उद्देश्य से अलग लक्ष्यों को लेकर किया गया है। भारतीय और पश्चिमी इंटेलिजेंस एजेंसियों के मुताबिक चीन इस प्रॉजेक्ट से भारत और पश्चिमी देशों के खिलाफ पाकिस्तान का इस्तेमाल करते हुए जैविक हथियारों को विकसित करना चाहता है। इससे वह अपनी जमीन और लोगों को जोखिम से बचाते हुए अपने खतरनाक मंसूबों को अंजाम देना चाहता है।

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