सच्ची कहानियां

तमाम शरारतें और भरपूर पिटाई

Updated on: 07 June, 2019 05:29 PM

बचपन में मैं बहुत शरारती था। आए दिन ऐसा होता था कि घर में हमारा इंतजार हो रहा है और हम बाहर कभी पिट्ठू खेल रहे होते थे, तो कभी गुल्ली-डंडा। एक बार हम लोग पिट्ठू खेल रहे थे, कैनवस की बॉल थी। मैंने एक लड़के को मारा और उसके कान में चोट लग गई। खून निकलने लगा, क्योंकि कान के कोने का एक हिस्सा कट गया था। उस रोज मुझे बहुत डांट पड़ी थी। इसी तरह, हम लोग कई बार जामुन तोड़ने के लिए निकल जाते थे। हमारे घर के पास बिजली पहलवान की एक जगह थी। वहां बहुत ठंडा पानी आता था। हम वहीं नहा लेते थे। वहीं कसरत करते थे। फिर वहीं वॉलीबॉल खेलने लग जाते थे। इधर घर में हमारा इ...
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एक सुंदर रानी की कहानी, जिसके इस धोखे ने राजा को बना दिया साधु

Updated on: 09 June, 2017 05:22 PM

इंदौर।इस बार सिंहस्थ में अाने वालो करोड़ों लोग 2500 वर्ष पुरानी विश्वप्रसिद्ध राजा भृर्तहरि की गुफा को अंदर से नहीं देख पाएंगे। व्यवस्था और गुफा के संकरे होने की वजह से इसका संचालन कर रहे नाथ संप्रदाय ने सिंहस्थ में गुफा में आम लोगों को प्रवेश नहीं देने का निर्णय लिया है। पढ़ें, गुफा और राज भृर्तहरि के तपस्वी बनने की कहानी...

क्यों खास है ये गुफा, क्या है इसके अंदर
- गुफा नंबर एक में राजा भृर्तहरि व नंबर दो में उनके भांजे राजा गोपीचंद की तपस्थली है।
- काले पत्थरों, मिट्टी से बनी ये गुफाओं में अंदर जाने के मार्ग काफी संकरे हैं...

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